{"_id":"6a3045da2611cd47fd0f052c","slug":"the-assistance-amount-should-reach-the-eligible-beneficiaries-soon-officials-should-take-timely-action-dc-jind-news-c-199-1-sroh1006-155163-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"पात्र लाभार्थियों तक जल्द पहुंचे सहायता राशि, अधिकारी करें समयबद्ध कार्रवाई : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पात्र लाभार्थियों तक जल्द पहुंचे सहायता राशि, अधिकारी करें समयबद्ध कार्रवाई : डीसी
विज्ञापन
फोटो 15जेएनडी27-लघु सचिवालय में दयालु-II योजना के तहत समीक्षा बैठक करती डीसी डॉ. वैशाली शर्मा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जींद। दयालु-II योजना के तहत समीक्षा बैठक सोमवार को डीसी डॉ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में की गई। इस दौरान कई मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया जबकि शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीसी ने कहा कि दयालु-II योजना ऐसे परिवारों के लिए राहत का माध्यम है जो पशु हमले, आवारा पशु से हुई दुर्घटना में अपने परिजन को खो देते हैं और चोट और दिव्यांगता जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना करते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके।
उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि मृत्यु की स्थिति में सहायता राशि परिवार के पात्र सदस्य को नियमानुसार प्रदान की जाती है जबकि चोट या दिव्यांगता के मामलों में सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए बैंक खाता परिवार पहचान पत्र अथवा आधार से जुड़ा होना आवश्यक है।
विज्ञापन
डीसी ने आमजन से अपील की कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अवश्य संलग्न करें। चोट के मामलों में एफआईआर/डीडीआर, अस्पताल उपचार से संबंधित दस्तावेज, पशु हमले के प्रमाण तथा आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने होते हैं।
दिव्यांगता के मामलों में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, अस्पताल डिस्चार्ज रिपोर्ट और संबंधित साक्ष्य जरूरी हैं। वहीं मृत्यु के मामलों में एफआईआर/डीडीआर तथा मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज हैं। इस अवसर पर एसडीएम सत्यवान मान, डीडीपीओ संदीप भारद्वाज, डॉ. रवि राणा, डीएसओ सुरेंद्र मौजूद रहे।
डीसी ने कहा कि दयालु-II योजना ऐसे परिवारों के लिए राहत का माध्यम है जो पशु हमले, आवारा पशु से हुई दुर्घटना में अपने परिजन को खो देते हैं और चोट और दिव्यांगता जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना करते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि मृत्यु की स्थिति में सहायता राशि परिवार के पात्र सदस्य को नियमानुसार प्रदान की जाती है जबकि चोट या दिव्यांगता के मामलों में सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए बैंक खाता परिवार पहचान पत्र अथवा आधार से जुड़ा होना आवश्यक है।
डीसी ने आमजन से अपील की कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अवश्य संलग्न करें। चोट के मामलों में एफआईआर/डीडीआर, अस्पताल उपचार से संबंधित दस्तावेज, पशु हमले के प्रमाण तथा आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने होते हैं।
दिव्यांगता के मामलों में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, अस्पताल डिस्चार्ज रिपोर्ट और संबंधित साक्ष्य जरूरी हैं। वहीं मृत्यु के मामलों में एफआईआर/डीडीआर तथा मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज हैं। इस अवसर पर एसडीएम सत्यवान मान, डीडीपीओ संदीप भारद्वाज, डॉ. रवि राणा, डीएसओ सुरेंद्र मौजूद रहे।