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एडवाइजरी जारी करने तक सीमित हुआ पुलिस प्रशासन
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जिले में लोगों को ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। हर रोज साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ठग अलग-अलग बहाने बनाकर फोन व कंप्यूटर के जरिए स्थानीय लोगों के खातों से रुपये साफ कर रहे हैं।
एक जरा सी चूक से खातों से हजारों रुपये साफ हो जाते हैं। पुलिस की कार्रवाई महज एडवाइजरी सिमट जाती है। ठगों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाते हैं। छह माह पूर्व एसपी स्तर पर अधिकारियों को साइबर ठगी पर पूरी तरह अंकुश लगाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी लेकिन अभी तक साइबर ठगी रोकने की दिशा में ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। कैथल जिले में एक मार्च से अब तक हुए 15 मामलों में ठग 845890 रुपये की ठगी कर चुके हैं। संवाद
शातिर ठग किसी को मोबाइल पर स्वीकृति अवधि समाप्त होने, एटीएम कार्ड को ब्लॉक होने, कंप्यूटर पर नए सॉफ्टवेयर डाउन लोड करवाकर किसी न किसी तरह से खातों की जानकारी हासिल करते हैं और फिर खातों से रुपये साफ कर दते हैं। एक चूक लोगों को हजारों या लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा देती है।
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दो मार्च- फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी मधू कौशिक के अनुसार उसने इंटरनेट पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था। इसके बाद ओटीपी बताए जाने पर उसके साथ 3.45 लाख की ठगी हो गई।
चार मार्च- रामथली निवासी नफे सिंह के अनुसार अगस्त 2021 में एक व्यक्ति ने फोन करके सात हजार 965 रुपये ठग लिए। उसको 1.50 लाख का लोन पास होने की जानकारी देकर उससे खातों में पैसे जमा करवाए।
पांच मार्च- सेक्टर 19 निवासी महिला नीरज यादव के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन एलईडी मंगवाया था। ओटीपी के माध्यम से उनके साथ 20 हजार 449 रुपये की ठगी हुई।
आठ मार्च- अमरगढ़ गामड़ी निवासी विक्रम ने बताया कि नौ फरवरी को किसी ने फोन पर बताया कि उनका नया क्रेडिट कार्ड बनवाने की बात हुई। व्हाट्सएप पर फोन कर्ता ने उसका पैन कार्ड, आधार कार्ड और क्रेडिट कार्ड की प्रथम फोटो लेकर एक ऐप को डाउनलोड करवाया। इसके बाद मोबाइल को हैक कर 98 हजार 950 रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
10 मार्च- डॉ गौरव पूनिया ने बताया कि 10 माह पहले एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से आईडी को हैक कर जन्म और मृत्यु के 20 फर्जी प्रमाण बना लिए।
11 मार्च- सेक्टर 18 निवासी महाबीर मित्तल के साथ क्यू आर कोड पता करके 2300 रुपये की ठगी हुई।
छह अप्रैल- खुराना रोड निवासी धीरज ने के साथ दो सितंबर 2021 को एक फोन करके जीवन बीमा का कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति ने 22500 रुपये ठग लिए।
सात अप्रैल- शिव कॉलोनी निवासी साहब सिंह को गुग्गल पे पर संदेश भेजा। उसके पास रिक्वेस्ट ओके करते ही खाते से 45 हजार रुपये ठग लिए।
सात अप्रैल -जुलानी खेड़ा निवासी दीपक को एक व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट का कर्मचारी बनकर ठगी की। उसने मोबाइल फोन ऑनलाइन खरीदने का ऑर्डर रद्द कर दिया था। इसके बाद उसने रुपये वापस करने के नाम पर एनीडेस्क नाम की एप डाउनलोड करवाकर उसके बैंक खाते से 20330 रुपये निकाल लिए।
सात अप्रैल- तारागढ़ निवासी संदीप कुमार के साथ आईटीआई का छात्र बताकर एक युवक 42 हजार रुपये की ठगी कर ली।
सात अप्रैल- फरल निवासी मुकेश ने बताया नवंबर 2021 में उसके पास एक व्यक्ति ने फोन करके ग्रामीण बैंक कर्मचारी बताया और 13750 रुपये ठग ले लिए।
सात अप्रैल - खेड़ी गुलाम अली निवासी पवन कुमार को टीवी पर चेहरा पहचानने की प्रतियोगिता में 12 लाख रुपये जीतने की बात कहकर 117300 रुपये हड़प लिए।
आठ अप्रैल- जाखौली अड्डा निवासी लवीश गर्ग ने ऑनलाइन कंपनी मेें पैसे लगाए। इसके बाद कमीशन देने की बात कही थी। उसने कंपनी के कहे अनुसार जब तीसरा टास्क पूरा किया तो उसके सारे पैसे फ्रीज कर दिए और उसे ब्लॉक कर दिया। उसके साथ 62 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने केस दर्ज किया।
एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के बारे में पुलिस समय-समय पर एडवाइजरी कर लोगों को जागरूक करती है। जनता को भी ऐसे लोगों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस साइबर सेल की मदद से ऐसे लोगों को ट्रेस कर रही है। साइबर ठगी का शिकार होने पर 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज करवाएं। विदेशी नंबरों के फोन न उठाएं। समय- समय पर अपना फोन अपटेड जरूर कर लें।
पुलिस के अनुसार आजकल हर व्यक्ति का खाता ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम में है। ठग किसी न किसी प्रकार का बहाना बनाकर ऑनलाइन सेवाएं शुरू करते हैं। इसके बाद ओटीपी संबंधित व्यक्ति के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में जो ओटीपी आता है, उसे फोन करके पूछते हैं। सावधानी बरतने की बात यह है कि जब तक आप खुद से कोई ऑनलाइन काम न कर रहे हों, तब तक किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी न बताएं। ठग ओटीपी का फायदा उठाकर ही खातों से पैसे निकलवाते हैं।
एक जरा सी चूक से खातों से हजारों रुपये साफ हो जाते हैं। पुलिस की कार्रवाई महज एडवाइजरी सिमट जाती है। ठगों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाते हैं। छह माह पूर्व एसपी स्तर पर अधिकारियों को साइबर ठगी पर पूरी तरह अंकुश लगाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी लेकिन अभी तक साइबर ठगी रोकने की दिशा में ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। कैथल जिले में एक मार्च से अब तक हुए 15 मामलों में ठग 845890 रुपये की ठगी कर चुके हैं। संवाद
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शातिर ठग किसी को मोबाइल पर स्वीकृति अवधि समाप्त होने, एटीएम कार्ड को ब्लॉक होने, कंप्यूटर पर नए सॉफ्टवेयर डाउन लोड करवाकर किसी न किसी तरह से खातों की जानकारी हासिल करते हैं और फिर खातों से रुपये साफ कर दते हैं। एक चूक लोगों को हजारों या लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा देती है।
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चार मार्च- रामथली निवासी नफे सिंह के अनुसार अगस्त 2021 में एक व्यक्ति ने फोन करके सात हजार 965 रुपये ठग लिए। उसको 1.50 लाख का लोन पास होने की जानकारी देकर उससे खातों में पैसे जमा करवाए।
पांच मार्च- सेक्टर 19 निवासी महिला नीरज यादव के अनुसार उन्होंने ऑनलाइन एलईडी मंगवाया था। ओटीपी के माध्यम से उनके साथ 20 हजार 449 रुपये की ठगी हुई।
आठ मार्च- अमरगढ़ गामड़ी निवासी विक्रम ने बताया कि नौ फरवरी को किसी ने फोन पर बताया कि उनका नया क्रेडिट कार्ड बनवाने की बात हुई। व्हाट्सएप पर फोन कर्ता ने उसका पैन कार्ड, आधार कार्ड और क्रेडिट कार्ड की प्रथम फोटो लेकर एक ऐप को डाउनलोड करवाया। इसके बाद मोबाइल को हैक कर 98 हजार 950 रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
10 मार्च- डॉ गौरव पूनिया ने बताया कि 10 माह पहले एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से आईडी को हैक कर जन्म और मृत्यु के 20 फर्जी प्रमाण बना लिए।
11 मार्च- सेक्टर 18 निवासी महाबीर मित्तल के साथ क्यू आर कोड पता करके 2300 रुपये की ठगी हुई।
छह अप्रैल- खुराना रोड निवासी धीरज ने के साथ दो सितंबर 2021 को एक फोन करके जीवन बीमा का कर्मचारी बताकर एक व्यक्ति ने 22500 रुपये ठग लिए।
सात अप्रैल- शिव कॉलोनी निवासी साहब सिंह को गुग्गल पे पर संदेश भेजा। उसके पास रिक्वेस्ट ओके करते ही खाते से 45 हजार रुपये ठग लिए।
सात अप्रैल -जुलानी खेड़ा निवासी दीपक को एक व्यक्ति ने फ्लिपकार्ट का कर्मचारी बनकर ठगी की। उसने मोबाइल फोन ऑनलाइन खरीदने का ऑर्डर रद्द कर दिया था। इसके बाद उसने रुपये वापस करने के नाम पर एनीडेस्क नाम की एप डाउनलोड करवाकर उसके बैंक खाते से 20330 रुपये निकाल लिए।
सात अप्रैल- तारागढ़ निवासी संदीप कुमार के साथ आईटीआई का छात्र बताकर एक युवक 42 हजार रुपये की ठगी कर ली।
सात अप्रैल- फरल निवासी मुकेश ने बताया नवंबर 2021 में उसके पास एक व्यक्ति ने फोन करके ग्रामीण बैंक कर्मचारी बताया और 13750 रुपये ठग ले लिए।
सात अप्रैल - खेड़ी गुलाम अली निवासी पवन कुमार को टीवी पर चेहरा पहचानने की प्रतियोगिता में 12 लाख रुपये जीतने की बात कहकर 117300 रुपये हड़प लिए।
आठ अप्रैल- जाखौली अड्डा निवासी लवीश गर्ग ने ऑनलाइन कंपनी मेें पैसे लगाए। इसके बाद कमीशन देने की बात कही थी। उसने कंपनी के कहे अनुसार जब तीसरा टास्क पूरा किया तो उसके सारे पैसे फ्रीज कर दिए और उसे ब्लॉक कर दिया। उसके साथ 62 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने केस दर्ज किया।
एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के बारे में पुलिस समय-समय पर एडवाइजरी कर लोगों को जागरूक करती है। जनता को भी ऐसे लोगों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस साइबर सेल की मदद से ऐसे लोगों को ट्रेस कर रही है। साइबर ठगी का शिकार होने पर 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज करवाएं। विदेशी नंबरों के फोन न उठाएं। समय- समय पर अपना फोन अपटेड जरूर कर लें।
पुलिस के अनुसार आजकल हर व्यक्ति का खाता ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम में है। ठग किसी न किसी प्रकार का बहाना बनाकर ऑनलाइन सेवाएं शुरू करते हैं। इसके बाद ओटीपी संबंधित व्यक्ति के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में जो ओटीपी आता है, उसे फोन करके पूछते हैं। सावधानी बरतने की बात यह है कि जब तक आप खुद से कोई ऑनलाइन काम न कर रहे हों, तब तक किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी न बताएं। ठग ओटीपी का फायदा उठाकर ही खातों से पैसे निकलवाते हैं।