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पहलः पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल की प्लानिंग, चंडीगढ़ के आसपास बनेगा एजुकेशन हब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 02:49 PM IST
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अगर पीयू स्टूडेंट काउंसिल की प्लानिंग धरातल पर उतरी तो चंडीगढ़ के आसपास लगने वाले इलाके एजुकेशन हब में तब्दील हो जाएंगे। स्टूडेंट काउंसिल सभी कॉलेजों की रिमार्किंग करवाने जा रही है। इसको लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। काउंसिल को आश्वासन मिला है कि जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
पंजाब विश्वविद्यालय से पंजाब के 200 कॉलेज संबद्घ है। कॉलेजों की संख्या में काफी है लेकिन तमाम कॉलेज ऐसे हैं जिनकी पीयू से दूरी 100 से 200 किमी है। विद्यार्थियों को यहां प्रमाण पत्र व अन्य कार्यों को करवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही कॉलेज प्रशासन को आने-जाने में दिक्कतें होती हैं।
वहीं मोहाली, रोपड़ आदि में बने कॉलेज की मान्यता पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला से है। इन कॉलेजों की दूरी भी पटियाला विश्वविद्यालय से काफी अधिक है। इन कॉलेजों के विद्यार्थियों को वहां तक पहुंचने के लिए पसीना बहाना पड़ता है। एक समय में पंजाब सरकार ने कॉलेजों की मार्किंग की थी और वही प्रक्रिया अब तक चलती आ रही है। विश्वविद्यालयों से डिस्ट्रिक्ट अटैच किए हुए हैं, इसके कारण ये दिक्कतें खड़ी हो रही हैं।
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स्टूडेंट काउंसिल ने तर्क दिया है कि मोहाली व आसपास में कॉलेज इसलिए नहीं खुल पाते कि विश्वविद्यालय की दूरी अधिक है। साथ ही मानकों में भी अंतर आ जाता है। यदि मोहाली, रोपड़ को पीयू से मान्यता दे दी जाए और पटियाला विश्वविद्यालय से अन्य जिले आसपास के जोड़ दिए जाएं तो ऐसे में एजुकेशन सेक्टर में और निवेश होगा और लोग कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान खोलेंगे।
ऐसे में चंडीगढ़ के आसपास एजुकेशन हब बनेगा। इससे पंजाब सरकार को भी राजस्व आएगा और विश्वविद्यालयों को भी फायदा होगा। सबसे अधिक लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा, उन्हें अपने कार्यों के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्टूडेंट काउंसिल ने शिक्षा मंत्री पंजाब को कई तर्क के साथ पत्र दिया है। साथ ही फैक्ट फाइल भी दी है। यदि सरकार ऐसा करेगी तो लाभ ही लाभ होगा।
बदल जाएगा वोटों का गणित
पीयू के सिंडिकेट व सीनेट के चुनाव होते हैं। इसमें आसपास के कॉलेजों के शिक्षक भी वोट करते हैं। यदि कॉलेजों की रिमार्किंग हुई तो उनका गणित बिगड़ जाएगा। ऐसे में कुछ लोग इस प्रस्ताव के विरोध में हैं लेकिन पंजाब सरकार से जब प्रस्ताव पास कर दिया तो उसे पीयू को लागू करना होगा।
कॉलेजों की रिमार्किंग के लिए पंजाब के शिक्षा मंत्री को पत्र दिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों की दिक्कतें दूर हो सकें और चंडीगढ़ के आसपास का क्षेत्र एजुकेशन हब बन सके।
- चेतन चौधरी, अध्यक्ष पीयूसीएससी
पंजाब विश्वविद्यालय से पंजाब के 200 कॉलेज संबद्घ है। कॉलेजों की संख्या में काफी है लेकिन तमाम कॉलेज ऐसे हैं जिनकी पीयू से दूरी 100 से 200 किमी है। विद्यार्थियों को यहां प्रमाण पत्र व अन्य कार्यों को करवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। साथ ही कॉलेज प्रशासन को आने-जाने में दिक्कतें होती हैं।
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वहीं मोहाली, रोपड़ आदि में बने कॉलेज की मान्यता पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला से है। इन कॉलेजों की दूरी भी पटियाला विश्वविद्यालय से काफी अधिक है। इन कॉलेजों के विद्यार्थियों को वहां तक पहुंचने के लिए पसीना बहाना पड़ता है। एक समय में पंजाब सरकार ने कॉलेजों की मार्किंग की थी और वही प्रक्रिया अब तक चलती आ रही है। विश्वविद्यालयों से डिस्ट्रिक्ट अटैच किए हुए हैं, इसके कारण ये दिक्कतें खड़ी हो रही हैं।
स्टूडेंट काउंसिल ने तर्क दिया है कि मोहाली व आसपास में कॉलेज इसलिए नहीं खुल पाते कि विश्वविद्यालय की दूरी अधिक है। साथ ही मानकों में भी अंतर आ जाता है। यदि मोहाली, रोपड़ को पीयू से मान्यता दे दी जाए और पटियाला विश्वविद्यालय से अन्य जिले आसपास के जोड़ दिए जाएं तो ऐसे में एजुकेशन सेक्टर में और निवेश होगा और लोग कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान खोलेंगे।
ऐसे में चंडीगढ़ के आसपास एजुकेशन हब बनेगा। इससे पंजाब सरकार को भी राजस्व आएगा और विश्वविद्यालयों को भी फायदा होगा। सबसे अधिक लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा, उन्हें अपने कार्यों के लिए लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्टूडेंट काउंसिल ने शिक्षा मंत्री पंजाब को कई तर्क के साथ पत्र दिया है। साथ ही फैक्ट फाइल भी दी है। यदि सरकार ऐसा करेगी तो लाभ ही लाभ होगा।
बदल जाएगा वोटों का गणित
पीयू के सिंडिकेट व सीनेट के चुनाव होते हैं। इसमें आसपास के कॉलेजों के शिक्षक भी वोट करते हैं। यदि कॉलेजों की रिमार्किंग हुई तो उनका गणित बिगड़ जाएगा। ऐसे में कुछ लोग इस प्रस्ताव के विरोध में हैं लेकिन पंजाब सरकार से जब प्रस्ताव पास कर दिया तो उसे पीयू को लागू करना होगा।
कॉलेजों की रिमार्किंग के लिए पंजाब के शिक्षा मंत्री को पत्र दिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों की दिक्कतें दूर हो सकें और चंडीगढ़ के आसपास का क्षेत्र एजुकेशन हब बन सके।
- चेतन चौधरी, अध्यक्ष पीयूसीएससी