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Chamba News: अब सलूणी में सेब बगीचों पर बोरर कीट का हमला
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 27 May 2026 10:52 PM IST
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बागवानों की चिंता बढ़ी, सेब पौधों की छाल और तने हो रहे प्रभावित
बागवान बोले- समय रहने कीट नियंत्रित नहीं किया तो होगा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। विकास खंड में सेब बगीचों पर बोरर कीट के प्रकोप ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। पहले साहो क्षेत्र में इस कीट के हमले की बात सामने आई थी।
अब सलूणी में भी इस तरह के मामले सामने आने लगे हैं। स्थानीय बागवानों ने कहा कि सेब के पौधों में बोरर कीट तेजी से फैल रहा है। कई बगानों में पौधों की छाल और तने प्रभावित होने लगे हैं। इससे पेड़ कमजोर हो रहे हैं। समय रहते कीट पर नियंत्रण नहीं किया तो इस साल सेब की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। बागवानों ने बताया कि सेब उत्पादन ही उनकी सालभर की कमाई का सहारा होता है। ऐसे में कीट का बढ़ता प्रकोप उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाल सकता है।
बागवानों में मनोज कुमार, हरी लाल, संजीव कुमार, रतन चंद, धारो राम, बिहारी लाल, तेज सिंह और मदन कुमार ने कहा कि अगर समय पर दवा का छिड़काव और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में भी उत्पादन प्रभावित रहेगा। इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों की टीम का मौके पर पहुंचना जरूरी है। स्थानीय बागवानों ने विभाग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कीट नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए और बागवानों को उचित मार्गदर्शन और दवाइयां उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
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-- यह करें बागवान
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बागवानों को सलाह दी है कि तने के पास की मिट्टी हटाकर छेद, बुरादा या गोंद जैसे संकेतों की पहचान करें। पतले तार की सहायता से कीट को निकालकर नष्ट करें। प्रभावित भाग पर कॉपर आधारित पेस्ट का लेप करें। छेदों में क्लोरपाइरीफॉस 20 ईसी को 5-10 मिली प्रति लीटर पानी या अन्य अनुशंसित कीटनाशी को सिरिंज से डालकर छेद बंद करें। अत्यधिक प्रभावित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें। बगीचों को खरपतवार मुक्त रखें।
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बागवान बोले- समय रहने कीट नियंत्रित नहीं किया तो होगा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। विकास खंड में सेब बगीचों पर बोरर कीट के प्रकोप ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। पहले साहो क्षेत्र में इस कीट के हमले की बात सामने आई थी।
अब सलूणी में भी इस तरह के मामले सामने आने लगे हैं। स्थानीय बागवानों ने कहा कि सेब के पौधों में बोरर कीट तेजी से फैल रहा है। कई बगानों में पौधों की छाल और तने प्रभावित होने लगे हैं। इससे पेड़ कमजोर हो रहे हैं। समय रहते कीट पर नियंत्रण नहीं किया तो इस साल सेब की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। बागवानों ने बताया कि सेब उत्पादन ही उनकी सालभर की कमाई का सहारा होता है। ऐसे में कीट का बढ़ता प्रकोप उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाल सकता है।
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बागवानों में मनोज कुमार, हरी लाल, संजीव कुमार, रतन चंद, धारो राम, बिहारी लाल, तेज सिंह और मदन कुमार ने कहा कि अगर समय पर दवा का छिड़काव और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में भी उत्पादन प्रभावित रहेगा। इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों की टीम का मौके पर पहुंचना जरूरी है। स्थानीय बागवानों ने विभाग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कीट नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए और बागवानों को उचित मार्गदर्शन और दवाइयां उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
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