सीजन के आखिरी चरण में लुढ़के सेब के दाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला में सेब का सीजन आखिरी चरण में पहुंच गया है। ऐसे में अंतिम चरणों में सेब के दाम भी लुढ़क गए हैं। बताया जा रहा है कि देश और स्थानीय मंडियों में 40 फीसदी दाम में गिरावट आई है। कश्मीर के सेब ने देश की विभिन्न मंडियों में दस्तक दी है। इससे चलते आपूर्ति बढ़ गई है। इससे सूबे के सेब उत्पादकों को दाम कम मिल रहे है। दाम के लुढ़कने से बागवानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि जिला में सेब 10 से 15 फीसदी बगीचों में बाकी है। गत वर्ष की तुलना में इस बार सेब का उत्पादन 45 फीसदी कम था। ऐसे में शुरूआती दौर में बागवानों को बेहतर दाम मिले हैं। दो सप्ताह पूर्व 65 से 70 रुपये प्रतिकिलो सेब बिक रहा था, लेकिन अब दाम में थोड़ी गिरावट आई।
बागवानों का कहना है कि कुछ दिनों में सीजन खत्म हो जाएगा। घाटी के बागवान अमित, चमन, राजकुमार, कर्म चंद, ज्ञान ठाकुर, रमेश, अमन, खेख राम, अशोक ने कहा कि सेब के दाम 40 फीसदी तक गिर चुके है। बागवानों को आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गोवर्द्धन ठाकुर और सचिव राजेश ठाकुर ने बताया कि वीरवार को मंडी में 40से 50 रुपये तक ए श्रेणी का सेब बिका है। कश्मीर का सेब मंडियों में पहुंचने से कीमत में थोड़ी गिरावट आई है। एपीएमसी के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि कश्मीर का सेब देश की मंडियों में पहुंचने से सेब की आमद ज्यादा है। ऐसे में सेब की कीमत में थोड़ी गिरावट आई है।