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Mandi News: ब्रॉडगेज बनने की राह पर पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेललाइन
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:49 AM IST
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जोगिंद्रनगर रेल लाईन । संवाद
- फोटो : विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद कारखानेदार व श्रमिक संगठन पदाधिकारी। स्रोत: विभाग
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश और पंजाब को जोड़ने वाली ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन को नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर रेलवे ने करीब 164 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग के लिए ट्रैफिक स्टडी सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिससे परियोजना की व्यवहारिकता और आर्थिक लाभ का आकलन होगा।
ब्रिटिश काल में सन 1924 में शानन प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान बिछाई गई थी। मालगाड़ी में भारी भरकम मशीनरी प्रोजेक्ट तक पहुंचाई जाती थी। बाद में यात्री रेल सेवा भी इस ट्रैक पर शुरू की गई। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है कि पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदला जाए, ताकि यात्रियों और उद्योगों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकें।
रेलवे की ओर से शुरू किए गए ट्रैफिक स्टडी सर्वे में 10 वर्षों के दौरान यात्री संख्या, माल ढुलाई, सड़क परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके साथ ही भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। रेलवे की विशेष तकनीकी टीमों की निगरानी में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जानकारी एकत्र की जा रही है।
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कांगड़ा, जवाली, जोगिंद्रनगर और पठानकोट के औद्योगिक क्षेत्रों, गोदामों और इंडस्ट्रियल पार्कों का अध्ययन किया जाएगा। यहां उत्पादन, माल परिवहन और भविष्य की संभावनाओं का आकलन होगा। रेलवे को उम्मीद है कि ब्रॉडगेज लाइन बनने से माल ढुलाई की लागत घटेगी और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
परियोजना पूरी होने के बाद कांगड़ा घाटी सहित पूरे क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी। बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली इस रेल लाइन का ब्रॉडगेज में रूपांतरण क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
पठानकोट से सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के बाद इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। विनोद कुमार, डीआरएम उत्तरी रेलवे जम्मू मंडल
ब्रिटिश काल में सन 1924 में शानन प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान बिछाई गई थी। मालगाड़ी में भारी भरकम मशीनरी प्रोजेक्ट तक पहुंचाई जाती थी। बाद में यात्री रेल सेवा भी इस ट्रैक पर शुरू की गई। लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है कि पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदला जाए, ताकि यात्रियों और उद्योगों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकें।
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रेलवे की ओर से शुरू किए गए ट्रैफिक स्टडी सर्वे में 10 वर्षों के दौरान यात्री संख्या, माल ढुलाई, सड़क परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसके साथ ही भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। रेलवे की विशेष तकनीकी टीमों की निगरानी में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जानकारी एकत्र की जा रही है।
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परियोजना पूरी होने के बाद कांगड़ा घाटी सहित पूरे क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी। बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली इस रेल लाइन का ब्रॉडगेज में रूपांतरण क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
पठानकोट से सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के बाद इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। विनोद कुमार, डीआरएम उत्तरी रेलवे जम्मू मंडल