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Mandi News: रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर, क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप
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पांच दिनों से मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा
निजी लैब और अस्पतालों का लेना पड़ रहा सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी (मंडी)। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर चले जाने से पिछले पांच दिनों से अल्ट्रासाउंड जांच सेवाएं प्रभावित हैं। इसके कारण मरीजों को अस्पताल में सस्ती जांच सुविधा नहीं मिल पा रही है और उन्हें निजी लैब व अस्पतालों में अधिक खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को चिकित्सक विभिन्न रोगों की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड लिख रहे हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के 6 जून से 13 जून तक अवकाश पर रहने के कारण जांचें नहीं हो पा रही हैं। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर अवकाश संबंधी सूचना भी चस्पा की गई है। इससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिवाबदार की राम प्यारी, पड्डल के किशोरी लाल, कोटमोरस की ब्रेस्ती देवी, नोखू राम और थुनाग के दुर्गादास सहित कई मरीजों का कहना है कि बार-बार अस्पताल आना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में निजी संस्थानों में अतिरिक्त खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मात्र 300 रुपये शुल्क लिया जाता है। प्रतिदिन करीब 1,200 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें लगभग 150 मरीजों को अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है। वर्तमान में अस्पताल में केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट कार्यरत है। पहले यहां दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात थे, लेकिन एक चिकित्सक के नियमित तबादले के बाद पूरा कार्यभार एक ही रेडियोलॉजिस्ट पर आ गया है।
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बॉक्स
निजी कार्य के चलते रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं। पदभार संभालने के बाद जल्द ही मरीजों को नियमित रूप से जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। -डॉ. दिनेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
निजी लैब और अस्पतालों का लेना पड़ रहा सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी (मंडी)। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर चले जाने से पिछले पांच दिनों से अल्ट्रासाउंड जांच सेवाएं प्रभावित हैं। इसके कारण मरीजों को अस्पताल में सस्ती जांच सुविधा नहीं मिल पा रही है और उन्हें निजी लैब व अस्पतालों में अधिक खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को चिकित्सक विभिन्न रोगों की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड लिख रहे हैं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के 6 जून से 13 जून तक अवकाश पर रहने के कारण जांचें नहीं हो पा रही हैं। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर अवकाश संबंधी सूचना भी चस्पा की गई है। इससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिवाबदार की राम प्यारी, पड्डल के किशोरी लाल, कोटमोरस की ब्रेस्ती देवी, नोखू राम और थुनाग के दुर्गादास सहित कई मरीजों का कहना है कि बार-बार अस्पताल आना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में निजी संस्थानों में अतिरिक्त खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
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क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मात्र 300 रुपये शुल्क लिया जाता है। प्रतिदिन करीब 1,200 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें लगभग 150 मरीजों को अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता होती है। वर्तमान में अस्पताल में केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट कार्यरत है। पहले यहां दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात थे, लेकिन एक चिकित्सक के नियमित तबादले के बाद पूरा कार्यभार एक ही रेडियोलॉजिस्ट पर आ गया है।
बॉक्स
निजी कार्य के चलते रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं। पदभार संभालने के बाद जल्द ही मरीजों को नियमित रूप से जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। -डॉ. दिनेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी