Himachal: बिंदल बोले- जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की गरिमा पर हमला लोकतंत्र की हत्या के समान
राजीव बिंदल ने कहा कि सुक्खू ने अपने बयान से प्रदेश के हजारों निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और उन्हें चुनने वाले लाखों मतदाताओं का अपमान किया है। यह बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के भी विपरीत है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से जिला परिषद और बीडीसी प्रतिनिधियों को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बयान से प्रदेश के हजारों निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और उन्हें चुनने वाले लाखों मतदाताओं का अपमान किया है। यह बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के भी विपरीत है। डॉ. बिंदल ने कहा कि जिला परिषद सदस्य, बीडीसी सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्य जनता की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने जाते हैं। एक-एक जिला परिषद सदस्य 20 से 25 हजार मतदाताओं के बीच से जीतकर आता है और जनता के विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है।
ऐसे प्रतिनिधियों के बारे में यह कहना कि उनकी केवल एक दिन की अहमियत है, लोकतंत्र और जनमत दोनों का अपमान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान ने कांग्रेस पार्टी की वास्तविक मानसिकता को उजागर कर दिया है। कांग्रेस हमेशा से ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को कमतर आंकती रही है और अब मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि उनके मन में पंचायतों, जिला परिषदों और बीडीसी प्रतिनिधियों के प्रति कितना अनादर और उपेक्षा का भाव है। प्रतिनिधियों को अपमानित करना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान कांग्रेस सरकार की चुनावी हार से उत्पन्न बौखलाहट का परिणाम है। हाल ही में हुए पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। नगर निगमों, नगर परिषदों, जिला परिषदों और पंचायत स्तर पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है।