सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Between India China dispute, Indian Army looks to acquire US aerial vehicle to strengthen infantry

पैदल सैनिकों की क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिकी 'रेवन' हथियार खरीदेगी भारतीय सेना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 13 Jul 2020 09:46 AM IST
विज्ञापन
Between India China dispute, Indian Army looks to acquire US aerial vehicle to strengthen infantry
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

भारतीय सेना अपने सैन्य क्षमता को बढ़ाने में लगी हुई है, ताकि किसी भी विकट परिस्थिति में हमले के लिए पूरी तरह तैयार रहा जाए। हाल ही में, चीन के साथ सीमा विवाद हो या पाकिस्तान के साथ तनाव, इन सभी कारणों की वजह से सेना खुद को सुदृढ़ बनाने में लगी हुई है। 




सेना हाथ से लॉन्च करने वाले और दूर से नियंत्रित करने वाले मानवरहित हवाई वाहन 'रेवन' को अमेरिका से खरीदने वाली है। इसके अलावा अत्याधुनिक इस्राइली स्पाइक फायरफ्लाई 'लॉयटरिंग' को भी सेना में शामिल किया जा रहा है। साथ ही 40 किलोमीटर से अधिक की सीमा के साथ लंबी दूरी की सटीक हमला करने वाले मिसाइलों को भी सेना में शामिल किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जहां सेना अपनी पैदल सेना को मजबूत करने में लगी हुई है। वहीं, वायुसेना इस महीने पेरिस से पांच राफेल मल्टी-रोल फाइटर जेट प्राप्त करेगी। इसमें चार का इस्तेमाल फ्रांस में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। दूसरी तरफ, भारतीय नौसेना इस साल के अंत में अपनी दूसरी बैलिस्टिक मिसाइल-फायरिंग परमाणु पनडुब्बी, आईएनएस अरिघाट को कमीशन करने के लिए तैयार है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: चीन से जारी विवाद के बीच अमेरिका से 72 हजार एसआईजी राइफल खरीदेगी भारतीय सेना

साउथ ब्लॉक में इस घटना से जुड़े लोगों ने बताया कि सेना 200 आरक्यू-11 यूएवी हासिल करने के लिए तैयार है, जो 500 फीट की ऊंचाई पर 10 किलोमीटर तक उड़ सकता है और 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकता है।

चीन के साथ सीमा विवाद को देखते हुए भारतीय सेना ने इस्राइल से स्पाइक मार्क 3 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों को खरीदा। वहीं, अब यह स्पाइक फायरफ्लाई 'लॉयटरिंग' को खरीदने में जुटा हुआ है। यह हथियार एक किमी की सीमा के भीतर छिपे हुए दुश्मन सैनिकों पर एक सटीक प्रहार कर सकता है। 

नवीनतम फायरफ्लाई हथियार में न केवल लक्ष्य का पता लगाने की क्षमता है, बल्कि यदि लक्ष्य सीमा से आगे बढ़ गया है तो उसे वापस भी बुलाया जा सकता है। भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना लद्दाख में भारतीय पॉश्चर में सबसे आगे खड़ी है। वहीं, भारतीय नौसेना चीनी युद्धपोतों के खिलाफ हिंद महासागर में टक्कर दे रही है। 

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम में फ्यूजन सेंटर के माध्यम से नौसेना ने पूरे लद्दाख संकट के दौरान हिंद महासागर पर कड़ी नजर रखी है। साथ ही अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र से छह चीनी युद्धपोतों को बाहर निकालने में सक्षम रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed