प्रधानमंत्री मोदी को याद आया लालू का 'जंगल राज', लेकिन अपराध के ताजा आंकड़े तो कुछ और कहते हैं...
एनसीआरबी के अनुसार 2017 में बिहार में 1,80,573 अपराध की घटनाएं घटीं, 2018 में अपराध की घटनाएं बढ़कर 1,96,911 हुईं। 2019 में यह संख्या बढ़कर 1,97,935 हो गई...
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार से बिहार की चुनावी रैलियों की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव के शासन काल की याद दिलाई और कहा कि यह वह समय था जब लोग शाम के समय के बाद घर से निकलने से भी बचते थे। लेकिन एनसीआरबी के आंकड़े कहते हैं कि नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ की सरकारों में भी अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। उधर विपक्ष के नेताओं और महागठबंधन से जुड़े लोगों का भी कहना है कि प्रधानमंत्री को पिछले कुछ सालों में बिहार में अपराध के आंकड़ों पर भी गौर कर लेना चाहिए।
बिहार-उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़े अपराध
अगर एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2017 में बिहार में 1,80,573 अपराध की घटनाएं घटी थीं, जबकि इसके अगले वर्ष 2018 में अपराध की घटनाएं बढ़कर 1,96,911 हो गईं। इसके अगले वर्ष यानी 2019 में भी अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई और यह संख्या बढ़कर 1,97,935 तक पहुंच गई।
इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी बीते वर्षों में अपराध की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017 में यूपी में अपराध की कुल 3,10,084 घटनाएं हुईं, जो 2018 में बढ़कर 3,42,355 हो गईं। इसके अगले वर्ष यानी 2019 में भी अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई और यह बढ़कर 3,53,131 हो गई।
अगर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की बात करें तो भी बिहार में बीते तीन सालों में इनमें वृद्धि दर्ज की गई है। 2017 में बिहार में महिलाओं के प्रति अपराध की 14,711 घटनाएं दर्ज की गईं तो 2018 में यह संख्या बढ़कर 16,920 और 2019 में 18,587 हो गईं। इनमें दुष्कर्म, अपहरण जैसे मामले भी शामिल हैं।
इसी प्रकार यूपी में 2017 में महिलाओं के प्रति अपराध की 56,011 घटनाएं घटीं, तो 2018 में यह संख्या बढ़कर 59,445 और 2019 में 59,853 हो गईं। यानी उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
हालांकि, राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी ओपी सिंह ने उत्तर प्रदेश में अपराध की घटनाओं का यह कहते हुए बचाव किया था कि राज्य की बड़ी आबादी के कारण यह संख्या ज्यादा दिख रही है। प्रति दस लाख की आबादी पर अपराध की घटनाओं की तुलना करने पर यह देश के कई राज्यों से काफी कम है।
रोजगार बढ़ेगा तो घटेगा अपराध
राष्ट्रीय जनता दल के नेता डॉ. नवल किशोर ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लालू प्रसाद यादव के जमाने की बात करते हुए आज के बिहार के अपराध की बात भी कर लेनी चाहिए थी। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि मुजफ्फरपुर कांड के आरोपियों को चुनाव का टिकट देकर वे लोग क्या संदेश देना चाहते हैं। पिछले वर्षों में बिहार में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्हें इसकी जानकारी भी लोगों को देनी चाहिए।
डॉ. नवल किशोर ने कहा कि तेजस्वी यादव ने बिहार में 10 लाख नौकरियों का वचन दिया है और पूरी दुनिया का इतिहास रहा है कि अगर युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर दिए जाते हैं तो अपराध की घटनाओं में कमी आ जाती है। उनका दावा है कि वे युवाओं को रोजगार देकर और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई कर बिहार में अपराध की घटनाओं में कमी लाएंगे।
जाहिर है सबके दावे बड़े-बड़े हैं और चुनाव में वादों की बरसात हर बार होती है, ऐसे में जनता तय करेगी कि उसे किसको चुनना है।