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CIC: 'RTI अनुभाग के गठन जुड़े दस्तावेज खोजें या शपथ पत्र दाखिल करें', केंद्रीय सूचना आयोग का DoPT को निर्देश

पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 09 Jun 2026 07:21 PM IST
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सार

CIC: केंद्रीय सूचना आयोग ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सूचना अधिकार अनुभाग के गठन से जुड़े दस्तावेज फिर से खोजने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि यदि दस्तावेज मिलते हैं तो उन्हें आरटीआई आवेदक को उपलब्ध कराया जाए और यदि नहीं मिलते हैं तो विभाग शपथ पत्र देकर इसकी पुष्टि करे। पढ़िए रिपोर्ट-

CIC asks DoPT to trace Information Rights division's creation records, file affidavit if not found
केंद्रीय सूचना आयोग - फोटो : आधिकारिक वेबसाइट/ केंद्रीय सूचना आयोग
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विस्तार

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को निर्देश दिया है कि वह अपने सूचना अधिकार अनुभाग (डिवीजन) के गठन से जुड़े दस्तावेजों का पता लगाने के लिए फिर से प्रयास करे और उन्हें आरटीआई आवेदक को उपलब्ध कराए। सीआईसी ने कहा कि यदि वे नहीं मिलते हैं, तो उन्हें यह घोषित करते हुए शपथ पत्र दाखिल करना होगा कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

 

आरटीआई आवेदन में क्या जानकारी मांगी गई थी?

सीआईसी ने आरटीआई आवेदन के तहत दूसरी अपील का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। आवेदन में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सूचना अधिकार अनुभाग के गठन, पुनर्गठन या स्थानांतरण से जुड़े सरकारी आदेशों की प्रतियां और उन फाइलों का विवरण मांगा गया था, जिनमें ऐसे आदेश जारी किए गए थे। 
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आवेदक ने सीआईसी का रुख इसलिए किया, क्योंकि अधिकारियों ने बताया था कि मांगी गई जानकारी उनके दस्तावेज में उपलब्ध नहीं है। सुनवाई के दौरान प्रशासनिक अनुभाग और डीओपीटी के सूचना अधिकार अनुभाग दोनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे किसी दस्तावेज का पता नहीं लगाया जा सका है।
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सीआईसी के सामने डीओपीटी ने क्या कहा?

आयोग के सामने डीओपीटी ने कहा कि किसी विभाग के भीतर कार्यों का आवंटन और वितरण एक सामान्य प्रशासनिक मामला है और इसके लिए अपने आप में किसी अलग अनुभाग के गठन या विशेष आदेशों की आवश्यकता नहीं होती। 
 
उसने आगे कहा कि सूचना अधिकार अनुभाग के गठन से जुड़े दस्तावेज खोजने के प्रयास किए गए, लेकिन वे नहीं मिल सके। विभाग ने यह भी बताया कि यह अनुभाग सीआईसी की स्थापना से जुड़े मामलों, आरटीआई के प्रचार के वार्षिक कार्यक्रम और आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल से जुड़े मामलों को देखता है। जबकि आरटीआई अधिनियम से जुड़े मामलों को सूचना अधिकार-द्वितीय अनुभाग संभालता है। 

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सीआईसी ने क्या निर्देश दिए?

  • केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि आवेदक ने विभाग के दस्तावेज उपलब्ध न होने के दावे पर आपत्ति जताई है।
  • सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा ने कार्मिक विभाग को निर्देश दिया कि वह अपने डाटाबेस और दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करे।
  • उन्होंने कार्मिक विभाग से कहा कि यदि दस्तावेज मिलते हैं तो तीन हफ्ते के भीतर जानकारी उपलब्ध कराए।
  • आयोग ने यह भी कहा कि यदि दस्तावेज फिर भी नहीं मिलते हैं, तो संबंधित केंद्रीय जन सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर शपथ पत्र दाखिल करना होगा, जिसमें यह पुष्टि हो कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं और उसकी एक प्रति आवेदक को भी दी जाए।
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