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IAF: वायुसेना प्रमुख एपी सिंह बोले- रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जरूरी, स्वदेशी तकनीक से मजबूत होगा भारत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 24 May 2026 03:31 PM IST
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सार

बंगलूरू में आयोजित 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स ग्रेजुएशन समारोह में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीक, एयरोस्पेस विकास और सैन्य आधुनिकीकरण को भारत की रणनीतिक जरूरत बताया।

IAF Chief Stresses Self-Reliance in Defence Capabilities at Flight Test Course Graduation Ceremony
एयर मार्शल एपी सिंह, वायुसेना प्रमुख - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

बंगलूरू में आयोजित 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स ग्रेजुएशन समारोह में भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को देश की रणनीतिक आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ स्वदेशी रक्षा क्षमताएं विकसित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

शनिवार को आयोजित इस समारोह में एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (AFTPS) के 11 टेस्ट पायलट और छह फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरों ने 48 सप्ताह का कठिन और बहु-विषयक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके बाद सभी अधिकारियों को ग्रेजुएशन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

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आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैच में कुल 17 अधिकारी शामिल थे। इनमें भारतीय वायुसेना के 14 अधिकारी, भारतीय सेना का एक अधिकारी और भारतीय नौसेना के दो अधिकारी शामिल रहे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट के एविएशन विंग में अपनी सेवाएं देंगे, जो भारतीय वायुसेना की प्रमुख इकाइयों में से एक मानी जाती है।

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स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने की अपील
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी रणनीतिक आवश्यकता है। उन्होंने टेस्ट क्रू की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें देश में स्वदेशीकरण अभियान को आगे बढ़ाने और एयरोस्पेस इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभानी होगी। उन्होंने रक्षा उपकरणों की डिजाइन से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

अधिकारियों को दिए ईमानदारी और उत्कृष्टता के मंत्र
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि रक्षा प्रणालियों और विमानों को सेवाओं की परिचालन जरूरतों के अनुरूप बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए पेशेवर दक्षता, ईमानदारी, सटीकता और उत्कृष्टता जैसे मूल्यों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने पास आउट अधिकारियों से कहा कि वे भविष्य में भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण में अहम योगदान देंगे। इसलिए उन्हें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।

मेधावी अधिकारियों को मिले प्रतिष्ठित पुरस्कार
समारोह में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को ट्रॉफियां और सम्मान प्रदान किए।

  • 'सुरंजन दास ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह को सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड स्टूडेंट टेस्ट पायलट के रूप में दी गई।
  • 'चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी' फ्लाइट इवैल्यूएशन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को प्रदान की गई।
  • 'महाराजा हनुमंत सिंह स्वॉर्ड' विंग कमांडर अभिनव कुमार को सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर के रूप में मिला।
  • विंग कमांडर प्रणव शर्मा को फ्लाइट इवैल्यूएशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘डनलप ट्रॉफी’ दी गई।
  • ग्राउंड सब्जेक्ट्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को ‘कपिल भार्गव ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया।
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