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Maharashtra: गिरीश महाजन पर भड़के संजय राउत, फडणवीस सरकार के मंत्री ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को बताया 'काला दिन'

पीटीआई, मुंबई Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 09 Jun 2026 07:17 PM IST
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सार

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को काला दिन बताते हुए मारे गए लोगों को शहीद बता दिया। इसे लेकर अब सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने गिरीश महाजन पर निशाना साधा है। इसके साथ ही उनके इस्तीफे और भाजपा से निकाले जाने की मांग कर दी है।

Maharashtra Girish Mahajan says Operation Blue Star black day Congress Shiv Sena UBT Sanjay Raut slams
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को 'काला दिन' बताते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों को 'शहीद' करार दिया और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आलोचना की। महाजन ने सेना की कार्रवाई की तुलना अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली द्वारा स्वर्ण मंदिर पर किए गए आक्रमण से भी की।


गिरीश महाजन के इस बयान पर अब सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। महाराष्ट्र के पार्टी नेताओं ने भाजपा पर पंजाब चुनावों से पहले खालिस्तान मुद्दे को हवा देने का आरोप लगाया और चुनावी लाभ के लिए दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि महाजन को राज्य मंत्रिमंडल और भाजपा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
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ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर क्या बोले गिरीश महाजन?
भाजपा नेता गिरीश महाजन किसी भी राज्य सरकार के ऐसे पहले प्रतिनिधि बने, जिन्होंने बीते शनिवार यानी छह जून को अमृतसर में दमदमी टकसाल के मुख्यालय में ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "हमारे लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार एक काला दिन है। हमारे भाइयों और बहनों को शहीद किया गया और मार दिया गया।"
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सिख समुदाय के पवित्र स्थल पर ऑपरेशन ब्लू स्टार को सैन्य हमला बताते हुए महाजन ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को जबरन पंजाब और पवित्र परिसर में भेजा था। अहमद शाह अब्दाली द्वारा स्वर्ण मंदिर पर आक्रमण के साथ तुलना करते हुए महाजन ने कहा कि 1984 में पवित्र सिख तीर्थ पर हुए हमले ने समुदाय को गहरा दर्द पहुंचाया था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सिखों को बेरहमी से मार दिया गया। उन्होंने दावा किया कि जिम्मेदार लोगों को कभी सजा नहीं मिली।

वडेट्टीवार बोले- ऑपरेशन ब्लू स्टार भारत को एकजुट रखने के लिए था जरूरी
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने इंदिरा गांधी के सैन्य कार्रवाई के आदेश देने के निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह भारत को एकजुट रखने के लिए आवश्यक था। उन्होंने कहा, "अगर इंदिरा गांधी के कार्यकाल में यह निर्णय नहीं लिया गया होता, तो शायद भारत दो भागों में बंट जाता और अखंड भारत की अवधारणा नहीं रहती।" 

महाजन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "महाजन में इतिहास और संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों की समझ की कमी है। भाजपा पंजाब चुनावों से पहले खालिस्तान मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है।"

संजय राउत का सवाल- क्या ऑपरेशन सिंदूर को भी मानेंगे काला दिन
वहीं, महाजन के खिलाफ संजय राउत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस में देशभक्ति की कोई भावना है, तो उन्हें महाजन को मंत्रिमंडल और भाजपा से बाहर निकालना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या ऑपरेशन सिंदूर को काला दिन कहा जाना चाहिए?"

राउत ने कहा, "अगर आप इसे (ऑपरेशन ब्लू स्टार) देश की अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई के लिए काला दिन मानते हैं, जिसके लिए एक प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी) ने अपना जीवन बलिदान किया, लड़ाई लड़ी और आतंकवाद को हराया ताकि पंजाब देश में बना रहे, तो आप देशद्रोही हैं।" राज्यसभा सदस्य ने पूछा कि क्या महाजन को गांधी के बलिदान पर संदेह है।

कब हुआ था ऑपरेशन ब्लू स्टार?
उन्होंने कहा, "उनकी लड़ाई देश के लिए थी। पूर्व सेना प्रमुख जनरल अरुण वैद्य ने इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, वैसे ही पूर्व पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और हजारों लोगों ने भी।" ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 से 10 जून, 1984 के बीच सशस्त्र बलों द्वारा की गई एक सैन्य कार्रवाई थी, जिसका घोषित उद्देश्य दमदमी टकसाल के भिंडरावाले और उग्रवादियों को स्वर्ण मंदिर की इमारतों से हटाना था। इस ऑपरेशन ने पंजाब में उग्रवाद की शुरुआत को चिह्नित किया।
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