{"_id":"6a12d0076224dbaa350b1170","slug":"maharashtra-missing-for-47-days-medical-student-found-begging-on-mumbai-streets-reunited-with-family-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 47 दिन बाद मुंबई की सड़कों पर भीख मांगता मिला मेडिकल छात्र, पुलिस ने परिवार से मिलाया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 47 दिन बाद मुंबई की सड़कों पर भीख मांगता मिला मेडिकल छात्र, पुलिस ने परिवार से मिलाया
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 24 May 2026 03:46 PM IST
विज्ञापन
सार
मुंबई पुलिस के भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान के दौरान एक मेडिकल छात्र को उसके परिजनों से मिलाने में मदद मिली। छात्र 47 दिनों से लापता था और घर से कॉलेज जाते समय लापता हो गया था।
मुंबई पुलिस
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मुंबई पुलिस के भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान के दौरान 47 दिनों से लापता एक मेडिकल छात्र को बचाया गया है, जो मानसिक तनाव की स्थिति में सड़कों पर भीख मांगता मिला। पुलिस के अनुसार, नांदेड़ निवासी 25 वर्षीय अभय सुरेश बेलकोनी बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) तृतीय वर्ष का छात्र है। वह 4 अप्रैल को जलगांव स्थित कॉलेज जाते समय लापता हो गया था।
कॉलेज जाते समय मुंबई में फंस गया
यात्रा के दौरान ट्रेन में उसका बैग और मोबाइल फोन खो गया, जिसके बाद वह मुंबई में फंस गया और खाने के लिए भीख मांगने को मजबूर हो गया। एक अधिकारी ने बताया कि अभय को गुरुवार को पश्चिमी उपनगर मलाड के एसवी रोड से बचाया गया। मलाड पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा, 'युवक शारीरिक रूप से बेहद कमजोर दिख रहा था और मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था। हालांकि, उसने अपना नाम और गृह नगर बताया।'
पुलिस ने ऐसे पकड़ा
पुलिस ने उसकी जानकारी की पुष्टि नांदेड़ के तमसा पुलिस थाने से की, जहां उसके लापता होने की शिकायत दर्ज थी। जांच में पता चला कि जलगांव जाते समय ट्रेन यात्रा के दौरान अभय का मोबाइल फोन और पहचान पत्र सहित सारा सामान खो गया था। मुंबई में बिना पैसे और संपर्क के साधनों के फंस जाने के बाद उसने भीख मांगना शुरू कर दिया। परिजनों के अनुसार, 6 अप्रैल को अभय ने रेलवे स्टेशन के एक विक्रेता के फोन से घर पर संक्षिप्त संपर्क किया था, लेकिन स्थिति बताने से पहले ही कॉल कट गई। बाद में विक्रेता ने परिवार को बताया कि वह वहां से चला गया था।
विज्ञापन
काफी तलाश के बाद परिवार ने 16 मई को नांदेड़ पुलिस में गुमशुदगी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अभय के पिता से संपर्क किया और उसी दिन छात्र को सुरक्षित रूप से परिवार के हवाले कर दिया।
कॉलेज जाते समय मुंबई में फंस गया
यात्रा के दौरान ट्रेन में उसका बैग और मोबाइल फोन खो गया, जिसके बाद वह मुंबई में फंस गया और खाने के लिए भीख मांगने को मजबूर हो गया। एक अधिकारी ने बताया कि अभय को गुरुवार को पश्चिमी उपनगर मलाड के एसवी रोड से बचाया गया। मलाड पुलिस थाने के अधिकारी ने कहा, 'युवक शारीरिक रूप से बेहद कमजोर दिख रहा था और मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहा था। हालांकि, उसने अपना नाम और गृह नगर बताया।'
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने ऐसे पकड़ा
पुलिस ने उसकी जानकारी की पुष्टि नांदेड़ के तमसा पुलिस थाने से की, जहां उसके लापता होने की शिकायत दर्ज थी। जांच में पता चला कि जलगांव जाते समय ट्रेन यात्रा के दौरान अभय का मोबाइल फोन और पहचान पत्र सहित सारा सामान खो गया था। मुंबई में बिना पैसे और संपर्क के साधनों के फंस जाने के बाद उसने भीख मांगना शुरू कर दिया। परिजनों के अनुसार, 6 अप्रैल को अभय ने रेलवे स्टेशन के एक विक्रेता के फोन से घर पर संक्षिप्त संपर्क किया था, लेकिन स्थिति बताने से पहले ही कॉल कट गई। बाद में विक्रेता ने परिवार को बताया कि वह वहां से चला गया था।
Trending Videos
काफी तलाश के बाद परिवार ने 16 मई को नांदेड़ पुलिस में गुमशुदगी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अभय के पिता से संपर्क किया और उसी दिन छात्र को सुरक्षित रूप से परिवार के हवाले कर दिया।