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महाराष्ट्र: विधान परिषद चुनावों से पहले सुप्रिया सुले का बड़ा एलान, खरीद-फरोख्त पर रोक के लिए लाएंगी विधेयक

पीटीआई, पुणे। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 06 Jun 2026 03:56 PM IST
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सार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने चुनावों में खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए संसद में विधेयक लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए और इसके लिए खुली वोटिंग जैसे विकल्पों पर विचार होना चाहिए। पढ़िए रिपोर्ट-

NCP (SP) MP Sule vows to bring bill to stop horse trading in elections
सुप्रिया सुले - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि वह संसद में एक विधेयक पेश करेंगी, जिसमें उन चुनावों में अधिक पारदर्शिता लाने की मांग की जाएगी, जहां खरीद-फरोख्त के आरोप लगते हैं। उनका यह बयान महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों से पहले उम्मीदवारों को प्रलोभन देने और दबाव बनाने के आरोपों के बीच आया है।


उन्होंने कहा कि या तो मौजूदा स्वरूप में ऐसे चुनाव बंद कर दिए जाने चाहिए या फिर उनमें खुले मतदान की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुले ने कहा, मैं चुनाव प्रक्रिया में संरचनात्मक बदलाव के लिए संसद में एक विधेयक पेश करूंगी। चुनावों में खरीद-फरोख्त के आरोप बंद होने चाहिए। सरपंच से लेकर लोकसभा तक सभी चुनाव पारदर्शी होने चाहिए।
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18 जून को होने वाले विधान परिषद की 16 सीटों के चुनाव से पहले महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के कुछ उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए थे। सुप्रिया सुले ने इस फैसले का समर्थन किया। 
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सुले ने कहा, सभी सहयोगी दलों के नेताओं से चर्चा के बाद यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया था। खरीद-फरोख्त की आशंकाओं को लेकर व्यापक चिंता थी। हर जगह खरीद-फरोख्त की चर्चाएं हो रही थीं।  उन्होंने बताया कि इस निर्णय से पहले हुई बैठकों में एनसीपी (शरद पवार), कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता मौजूद थे।

उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की आलोचना पर सुप्रिया सुले ने कहा कि हर क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति अलग होती है। उन्होंने पूछा कि क्या राजनीतिक दलों को खरीद-फरोख्त करने देनी चाहिए। चुनावी सुधारों की अपनी योजना की घोषणा करते हुए बारामती सांसद ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से संसद में एक विधेयक लाएंगी, ताकि अप्रत्यक्ष चुनावों में बार-बार लगने वाले खरीद-फरोख्त के आरोपों का समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा, एक नागरिक और जनप्रतिनिधि के रूप में मैं यह विधेयक पेश करूंगी। ऐसे चुनावों में खरीद-फरोख्त के आरोप बंद होने चाहिए। सुले ने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में संरचनात्मक बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा, या तो इन चुनावों को मौजूदा स्वरूप में बंद कर दिया जाए या फिर खुली वोटिंग लागू की जाए। 

'चुनाव प्रणाली में अधिक पारदर्शिता जरूरी'
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और राजनीतिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए चुनाव प्रणाली में अधिक पारदर्शिता जरूरी है। विपक्षी महा विकास आघाड़ी का आरोप है कि विधान परिषद चुनावों में दबाव की राजनीति और प्रलोभनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, सत्तारूढ़ महायुति के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

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इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होंगी सुले
सुले ने यह भी पुष्टि की कि उनकी पार्टी आठ जून को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बैठक के लिए आमंत्रित किया है। सुले ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर दबाव बढ़ रहा है।

उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों, बेरोजगारी और आरक्षण संबंधी चिंताओं को लेकर भी महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की। सुले ने राज्य सरकार को आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बताया।
 
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