Satyendra Jain: भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्रियों के साथ खड़े क्यों दिखना चाहते हैं केजरीवाल?
Satyendar Jain: आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने इसे अरविंद केजरीवाल के बढ़ते राजनीतिक कद को रोकने की साजिश बताया है। स्वयं अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पर कार्रवाई कर उन्हें डराने की कोशिश हो रही है, क्योंकि आम आदमी पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है और गुजरात में सरकार बना सकती है...
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन लगभग चार महीने से जेल में हैं। उन पर वित्तीय मामलों में गड़बड़ी करने के आरोप हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी अपने इस नेता के साथ खड़ी है और उन्हें ‘कट्टर ईमानदार’ बता रही है। अरविंद केजरीवाल ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया है कि सच्चाई की उन्होंने दिल्ली को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी हैं, लेकिन ये लोग (भाजपा) उन्हें परेशान कर उनका काम रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने इसी तरह के आरोप मनीष सिसोदिया के मामले में भी लगाए थे, जिन पर शराब घोटाले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। वहीं, भाजपा ने केजरीवाल को भ्रष्ट लोगों का संरक्षण देने वाला बताते हुए सत्येंद्र जैन को तत्काल बर्खास्त किए जाने की मांग की है। प्रश्न यह है कि अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्रियों के साथ खड़े क्यों दिखना चाहते हैं?
केजरीवाल की राजनीति भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से
दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने अपनी राजनीति की शुरुआत भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़े आंदोलन से की थी। जब राजनीतिक पार्टी बनाने की बात आई, उनका दावा था कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार से मुक्त एक बेहतर राजनीतिक-प्रशासनिक व्यवस्था प्रदान करेगी। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए अब उनकी राजनीति लोगों को बेहतर स्वास्थ्य-शिक्षा देने पर आकर टिक गई है। वे हर चुनावी राज्य में तथाकथित बेहतर शिक्षा-स्वास्थ्य के दिल्ली मॉडल को ही भुनाने की कोशिश करते हुए देखे जाते हैं।
लेकिन जैसे ही अरविंद केजरीवाल ने मंत्री जेल जाने लगे, आम आदमी पार्टी के ईमानदार प्रशासन देने के दावे पर प्रश्नचिन्ह खड़े होने लगे। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन चार महीने से जेल में हैं। इससे केजरीवाल के स्वास्थ्य मॉडल पर सवाल उठते हैं। यदि मनीष सिसोदिया जेल जाते हैं तो केजरीवाल के शिक्षा मॉडल पर भी सवाल उठेंगे। उन पर एक्साइज मामले में घोटाले के साथ-साथ दिल्ली के स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण के नाम पर टॉयलेट्स का निर्माण करवाकर पैसों का गबन करने का आरोप है।
राजनीतिक कारणों से लग रहे आरोप
आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने इसे अरविंद केजरीवाल के बढ़ते राजनीतिक कद को रोकने की साजिश बताया है। स्वयं अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पर कार्रवाई कर उन्हें डराने की कोशिश हो रही है, क्योंकि आम आदमी पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है और गुजरात में सरकार बना सकती है। जैन गुजरात में आम आदमी पार्टी का चुनावी कामकाज देख रहे थे। वे राज्य के प्रभारी भी थे। उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए राघव चड्ढा को भी गिरफ्तार किया जा सकता है क्योंकि उन्हें हाल ही में गुजरात का सहप्रभारी बनाया गया है। लेकिन क्या ये आरोप सही हैं?
जिस मामले में फेल हुए, वही वादा करते हैं केजरीवाल- भाजपा
दिल्ली भाजपा के महामंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने भ्रष्टाचारी मंत्रियों को ‘विक्टिम कार्ड’ खेलकर बचाना चाहते हैं, लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के मंत्री सत्येद्र जैन की गिरफ्तारी ठोस आधारों पर की गई है, यही कारण है कि अदालत ने अब तक उनकी जमानत स्वीकार नहीं की है। अरविंद केजरीवाल स्वयं यह कहते रहे हैं कि जिन राजनेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं, उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और भ्रष्टाचार मुक्त सिद्ध होने के बाद ही सार्वजनिक पदों पर काम करना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को अब अपने उसी घोषणा पर सही उतरना चाहिए और सत्येंद्र जैन को बर्खास्त कर देना चाहिए।
भाजपा नेता हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में जिस-जिस मुद्दे पर असफल साबित होते हैं, वे उसी बात पर दूसरे राज्यों में वोट मांगते हैं। यह हैरानी की बात है कि केवल प्रचार के बल पर वे अपनी असफलता को भी एक सफलता की तरह प्रचारित कर लोगों को भटकाकर अपनी सफलता की राह खोलना चाहते हैं। लेकिन उनकी यह कोशिश अब सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के 1000 से कुछ अधिक स्कूल हैं, लेकिन इनमें 800 से ज्यादा स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं, इनमें विज्ञान-गणित की पढ़ाई नहीं होती और इन स्कूलों में पढ़े बच्चे डॉक्टर-इंजिनियर नहीं बन सकते। इसके बाद भी यदि वे अपनी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बताएं तो यह हास्यास्पद है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक असफल साबित हुए हैं। किसी भी मुहल्ला क्लिनिक में लोगों का इलाज नहीं हो रहा है और उनमें आवारा पशु घूमते रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी केजरीवाल अपने मोहल्ला क्लिनिक को बेहतर बताते हैं और इसके लिए सत्येंद्र जैन को अच्छा काम करने वाला बताते हैं तो यह दिल्ली के लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के हेल्थ मॉडल की असलियत सामने आ गई है और अब उन्हें इस मुद्दे पर कहीं समर्थन नहीं मिलेगा।