अब टोल देने के लिए नहीं रोकनी पड़ेगी गाड़ी, ये है खास व्यवस्था
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल-प्लाजा पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए देश भर के 275 टोल-प्लाजा पर कैशलेस पेमेंट सुविधा फास्टैग की शुरुआत कर दी है। फास्टैग सुविधा लेने वाले वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं होगा और देश भर में उनके टोल का कैशलैस भुगतान होगा। फास्टैग के लिए एकमुश्त 200 रुपये का शुल्क देना होगा और इसे कार की विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाएगा।
आरएफआईडी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से इससे जुड़े प्री-पेड एकाउंट से टोल शुल्क का भुगतान हो जाएगा। इसके साथ ही फास्टैग स्टीकर वाले वाहनों को विशेष लेन की सुविधा दी जाएगी, ताकि उन्हें इंतजार न करना पड़े। एनएचएआई ने कहा है कि फास्टैग की बिक्री 25 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ चुनिंदा टोल-प्लाजा के साथ ही सहयोगी बैंकों की शाखाओं में शुरू की जाएगी।
इन्हें चेक या ऑनलाइन पेमेंट के जरिये रिचार्ज किया जा सकता है। इसके लिए न्यूनतम रिचार्ज राशि 100 रुपये रखी गई है। इसमें अधिकतम एक लाख रुपये तक का रिचार्ज करवाया जा सकता है। उपभोक्ताओं को टोल लेनदेन की जानकारी उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस से मिलेगी।
60 हजार करोड़ का होता है नुकसान
फास्टैग उपभोक्ताओं को एनएचएआई 10 फीसदी कैश बैक की सुविधा भी देगा। एक महीने के दौरान मिली कैश बैक राशि को अगले महीने की शुरुआत में फास्टैग एकाउंट में जमा कर दिया जाएगा। एनएचएआई ने इस सुविधा के लिए आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के साथ समझौता किया है।
ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया तथा आईआईएम कोलकाता के अध्ययन के मुताबिक टोल प्लाजा पर लगने वाले समय की वजह से सालाना 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता है। फास्टैग सुविधा से टोल प्लाजा पर लोगों के समय, पैसे और ईंधन तीनों की बचत हो सकेगी।