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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सुब्रत राय की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने पार किया अधिकार क्षेत्र, जानें अदालत ने और क्या कहा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 13 Jul 2022 09:53 PM IST
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सार
इस बीच सुप्रीम कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाने के लिए हुए कानून संशोधन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया।
सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सहरा समूह के अन्य लोगों की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट अपने अधिकार क्षेत्र से भी आगे चला गया। हाईकोर्ट ने सुब्रत रॉय को कोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था। शीर्ष कोर्ट ने पाया कि रॉय उस मामले में आरोपी ही नहीं थे जिसकी सुनवाई हाईकोर्ट कर रहा था।
जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, यह एक गलत प्रवृत्ति है जो विकसित हो रही है। जमानत के लिए एक आवेदन में, आप उन मामलों की जांच शुरू कर देते हैं जो जमानत पर विचार के लिए अप्रासंगिक हैं। जमानत पर विचार करने के लिए यह कैसे प्रासंगिक हो सकता है? शीर्ष कोर्ट पटना हाईकोर्ट के उस आदेश पर पहले ही रोक लगा चुका है जिसमें हाईकोर्ट ने बिहार के डीजीपी को निर्देश दिया था कि रॉय को उसके समक्ष पेश किया जाए।
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ईडी निदेशक मामले में सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार
इस बीच सुप्रीम कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक का कार्यकाल पांच साल तक बढ़ाने के लिए हुए कानून संशोधन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया। याचिका में केंद्र द्वारा संजय कुमार मिश्रा को एक साल का विस्तार देने के फैसले को भी चुनौती दी गई। सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ को मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता जया ठाकुर के वकील ने बताया कि याचिका में केंद्रीय सतर्कता आयोग संशोधन अधिनियम 2021 को भी चुनौती दी गई है। इसमें ईडी निदेशक का कार्यकाल पांच साल तब बढ़ाने का प्रावधान है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल 8 सितंबर को एनजीओ कॉमन कॉज के मामले में आए उस आदेश का भी हवाला दिया जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि केंद्र को मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार है। लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद अधिकारी का कार्यकाल सिर्फ दुर्लभ मामलों में ही बढ़ाया जाना चाहिए। इसके बाद पीठ ने कोर्ट के अधिकारियों को याचिका को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।