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West Bengal: टीएमसी को मिला तृणमूल भवन खाली करने का नोटिस, इमारत मालिक ने दिया सुरक्षा कारणों का हवाला
आईएएनएस, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 24 May 2026 03:16 PM IST
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सार
पूर्वी कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के अस्थायी मुख्यालय ‘तृणमूल भवन’ को खाली करने का नोटिस मिला है। पिछले चार वर्षों से टीएमसी टॉपसिया स्थित किराए की बहुमंजिला इमारत में अपना कार्यालय संचालित कर रही थी। इमारत के मालिक और ‘मॉडर्न डेकोरेटर्स’ प्रमुख मोंटू साहा ने चुनाव नतीजों के बाद हुई तोड़फोड़ का हवाला देते हुए भवन खाली करने को कहा है।
तृणमूल भवन
- फोटो : IANS
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को पूर्वी कोलकाता स्थित पार्टी के अस्थायी मुख्यालय 'तृणमूल भवन' को खाली करने का नोटिस मिला है। ईएम बाईपास के पास टॉपसिया इलाके में स्थित किराए की उस बहुमंजिला इमारत के मालिक ने पार्टी से इमारत खाली करने को कहा है। यह इमारत पिछले कुछ वर्षों से तृणमूल कांग्रेस का मुख्यालय रही है।
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद इमारत के बाहर हुई तोड़फोड़ की घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस आलीशान बहुमंजिला इमारत के मालिक मोंटू साहा हैं। वह राज्य की जानी-मानी कंपनी 'मॉडर्न डेकोरेटर्स' के प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने मौखिक रूप से तृणमूल नेतृत्व को इमारत खाली करने के बारे में सूचित किया है।
ये भी पढ़ें: अभिजीत दिपके के घर की सुरक्षा बढ़ी: कांग्रेस बोली- आईबी की चेतावनी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी पर की कार्रवाई
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दो महीने में इमारत खाली करने का मिला आश्वासन : बिल्डिंग के मालिक
साहा ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमारत खाली करने के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उनकी तृणमूल नेतृत्व से बातचीत हुई थी और पार्टी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अगले दो महीनों के भीतर इमारत पूरी तरह खाली कर दी जाएगी।
हाल के दिनों में राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली है। हालांकि, मोंटू साहा ने कहा कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद, दबाव या अन्य कारण नहीं था। उन्होंने कहा कि चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद उस इमारत के बाहर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई थी। अगर इमारत को कोई नुकसान पहुंचता है, तो उसका नुकसान मुझे ही होगा। इसके अलावा और कोई बात नहीं है।
टीएमसी से इमारत खाली करवाने की क्या है वजह?
साहा ने कहा कि उन्होंने मुख्य रूप से सुरक्षा कारणों से तृणमूल से इमारत खाली करने को कहा था और पार्टी के प्रति उनकी कोई निजी रंजिश नहीं है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि तृणमूल नेतृत्व ने हमेशा समझौते के अनुसार किराया चुकाया है। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में सत्ता बरकरार रखने के बाद तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व ने टॉपसिया इलाके में स्थित पार्टी के मुख्य कार्यालय के नवीनीकरण का फैसला किया था। पुरानी इमारत को गिराकर उसकी जगह एक आधुनिक बहुमंजिला इमारत बनाई गई। इसी कारण 2022 में ईएम बाईपास के महानगरीय इलाके में स्थित एक इमारत को वैकल्पिक कार्यालय के तौर पर किराए पर लिया गया था।
ममता और अभिषेक के लिए बने थे अलग कमरे
हालांकि, शुरुआत में यह इमारत केवल दो वर्षों के लिए किराए पर ली गई थी, लेकिन टॉपसिया स्थित मुख्य इमारत का काम पूरा न होने के कारण अनुबंध को दो और वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया। नतीजतन, पिछले चार वर्षों से यह इमारत तृणमूल की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनी हुई है। इस अस्थायी कार्यालय में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी के लिए अलग-अलग सुसज्जित कमरे तैयार किए गए थे।
ये भी पढ़ें: 'अराजकता की साजिश रच रहे राहुल गांधी': पीयूष गोयल का आरोप, कहा-देश में हिंसा फैलाना चाहते हैं कांग्रेस नेता
पार्टी की लगभग हर महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक, चुनावी रणनीति और प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी इमारत में आयोजित की जाती रही हैं। पार्टी के शीर्ष नेता, विधायक और मंत्री हर दिन यहां आते रहे हैं। इस कार्यालय का प्रबंधन और देखरेख मुख्य रूप से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी और उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार करते थे।
बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद इमारत के बाहर हुई तोड़फोड़ की घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस आलीशान बहुमंजिला इमारत के मालिक मोंटू साहा हैं। वह राज्य की जानी-मानी कंपनी 'मॉडर्न डेकोरेटर्स' के प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने मौखिक रूप से तृणमूल नेतृत्व को इमारत खाली करने के बारे में सूचित किया है।
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साहा ने यह भी स्पष्ट किया है कि इमारत खाली करने के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उनकी तृणमूल नेतृत्व से बातचीत हुई थी और पार्टी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि अगले दो महीनों के भीतर इमारत पूरी तरह खाली कर दी जाएगी।
हाल के दिनों में राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली है। हालांकि, मोंटू साहा ने कहा कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद, दबाव या अन्य कारण नहीं था। उन्होंने कहा कि चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद उस इमारत के बाहर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई थी। अगर इमारत को कोई नुकसान पहुंचता है, तो उसका नुकसान मुझे ही होगा। इसके अलावा और कोई बात नहीं है।
टीएमसी से इमारत खाली करवाने की क्या है वजह?
साहा ने कहा कि उन्होंने मुख्य रूप से सुरक्षा कारणों से तृणमूल से इमारत खाली करने को कहा था और पार्टी के प्रति उनकी कोई निजी रंजिश नहीं है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि तृणमूल नेतृत्व ने हमेशा समझौते के अनुसार किराया चुकाया है। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में सत्ता बरकरार रखने के बाद तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व ने टॉपसिया इलाके में स्थित पार्टी के मुख्य कार्यालय के नवीनीकरण का फैसला किया था। पुरानी इमारत को गिराकर उसकी जगह एक आधुनिक बहुमंजिला इमारत बनाई गई। इसी कारण 2022 में ईएम बाईपास के महानगरीय इलाके में स्थित एक इमारत को वैकल्पिक कार्यालय के तौर पर किराए पर लिया गया था।
ममता और अभिषेक के लिए बने थे अलग कमरे
हालांकि, शुरुआत में यह इमारत केवल दो वर्षों के लिए किराए पर ली गई थी, लेकिन टॉपसिया स्थित मुख्य इमारत का काम पूरा न होने के कारण अनुबंध को दो और वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया। नतीजतन, पिछले चार वर्षों से यह इमारत तृणमूल की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनी हुई है। इस अस्थायी कार्यालय में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी के लिए अलग-अलग सुसज्जित कमरे तैयार किए गए थे।
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पार्टी की लगभग हर महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक, चुनावी रणनीति और प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी इमारत में आयोजित की जाती रही हैं। पार्टी के शीर्ष नेता, विधायक और मंत्री हर दिन यहां आते रहे हैं। इस कार्यालय का प्रबंधन और देखरेख मुख्य रूप से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी और उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार करते थे।