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J&K: पैलेट गन से मरने और घायल होने वालों का जुटाया जा रहा है डाटा, ये है वजह

ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 21 Jan 2017 04:21 PM IST
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government collecting data of those who died and injured by pallet guns
सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
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जम्मू कश्मीर में 1036 निजी और सरकारी भवन सुरक्षा बलों के कब्जे में हैं। इसमें चार स्कूल, चार कालेज तथा एक हास्टल शामिल है। यह जानकारी विधानसभा में इंजीनियर अब्दुल रशीद के प्रश्न के लिखित जवाब में गृह मंत्री की ओर से दी गई है।



इसके साथ ही स्कास्ट वाडूरो सोपोर के छोटे हिस्से पर भी सुरक्षा बल का कब्जा है। इसे खाली कराने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।विधायक एजाज अहमद मीर के प्रश्न के लिखित जवाब में ग्रामीण विकास मंत्री की ओर से बताया गया है कि कश्मीर हिंसा के दौरान 23 पंचायत घरों को नुकसान पहुंचाया गया है।
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इनमें पुलवामा में पांच, कुलगाम में पांच, गांदरबल में एक, शोपियां में चार तथा अनंतनाग जिले में आठ पंचायत हैं। जिले के अधिकारियों को इनका इस्टीमेट बनाने कोे कहा गया है। 

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हिंसा के दौरान घायलों का जुटाया जा रहा है डाटा

government collecting data of those who died and injured by pallet guns
हिंसा के दौरान घायलों का जुटाया जा रहा है डाटा - फोटो : FILE PHOTO

विधायक गुलजार अहमद वानी के प्रश्न के लिखित जवाब में गृह मंत्री ने बताया कि कश्मीर हिंसा के दौरान पेलेट गन से मरने वालों, घायल होने वालों तथा जिनकी आंखों की रोशनी चली गई है, उसका डाटा एकत्र किया जा रहा है।

पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से कुछ घरों को नुकसान पहुंचाए जाने की रिपोेर्ट नहीं है। न ही इस प्रकार की कोई शिकायत मिली है। कुछ मीडिया रिपोर्ट हैं जिनकी पड़ताल की जानी है।

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