J&K: सोलर लाइटों के वितरण पर विप में हंगामा, कांग्रेस का वाकआउट
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जवाब में विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री सज्जाद गनी लोन ने कहा कि सोलर लाइटें पूर्ववर्ती नेशनल कांफ्रेंस कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय मंगवाई गईं। इसके पीछे मंशा थी कि चुनाव के समय लोगों में यह बांटकर वोट हासिल किए जाएं, लेकिन लाइटें मिलने में विलंब हुआ और यहां चुनाव आचार संहिता लागू हो गई।
अब यह कहते हैं कि लाइटें बांटने में हमारी मर्जी चलेगी। यह कैसे संभव है। वितरण में जिला उपायुक्तों को शामिल किया गया है। मंत्री के जवाब से रोष जताते हुए कांग्रेस व नेकां सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
'मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा जाए तो सब सच बाहर आ जाएगा'
वाकआउट करते समय नरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा जाए तो सब सच बाहर आ जाएगा। कहा कि सोलर लाइटें सियासी लोग बांट रहे हैं। इस मामले में नेकां के डा. बशीर अहमद वीरी ने कहा कि इस मामले में श्वेत पत्र लाया जाना चाहिए। नेकां कांग्रेस के सदस्यों ने कहा कि हेरफेर को सरकार मानने के बजाए उल्टा आरोप लगा रही है जोकि ठीक नहीं है।
विपक्षी सदस्यों के वाकआउट के बाद मंत्री लोन ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला के समय 2012 में करीब एक लाख सोलर लाइटें मंगवाई गई थीं। इसका मकसद था कि चुनाव में इसका प्रयोग किया जाएं और वोट हासिल किए जाएं। लाइटें आने में देरी हुई।
अब लाइटें आई हुई हैं और उन्हें बांटा जा रहा है। डीसी को भी शामिल किया गया है लेकिन यह चाहते हैं कि हमारी मर्जी चलेगी। उन्होंने कहा पिछले तीन सालों में रियासत में 33574 सोलर होम लाइटें और 1800 सोलर स्ट्रीट लाइटें वितरित की गई है।