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J&K: बारिश और भूस्खलन में 7 की मौत,100 से ज्यादा लोगों को किया रेस्क्यू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 07 Aug 2016 09:50 PM IST
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पीएचई कर्मचारियों को बचाया गया
- फोटो : Amar Ujala
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रियासत में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मकान गिरने, सड़क दुर्घटना और भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। कटड़ा में माता वैष्णो देवी मंदिर के गेट नंबर तीन पर शुक्रवार की रात भूस्खलन की चपेट में आए एक बच्चे की सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शनिवार रात मौत हो गई। 100 से अधिक लोगों को रेस्क्यू आपरेशन कर सुरक्षित निकाला गया।
नदियां-नाले उफान पर हैं। उधमपुर के खैरी में पस्सियां गिरने से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद है। एसएपी हाईवे संजय कोतवाल के मुताबिक करीब एक हजार वाहन हाईवे पर फंसे हुए हैं। जम्मू-उधमपुर रेल मार्ग पर रामनगर स्टेशन के पास ट्रैक पर मलबा और पस्सियां आने से रेल सेवा कुछ देर के लिए बाधित रही।
कठुआ जिले के बसोहली के शीतल नगर पूंड से सटे नगाली नाले में पानी के तेज बहाव में महिला लापता है। आरएस पुरा सेक्टर में बीएसएफ की दो पोस्ट के जवानों को अस्थायी पोस्ट में जाना पड़ा।
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कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में तरनाह नाले में आई बाढ़ की वजह से बीओपी (बार्डर आउट पोस्ट) बोबिया और लौंडी के बीच 20 मीटर तार बहने की खबर है। बारिश के चलते बिजली ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
नदियां-नाले उफान पर हैं। उधमपुर के खैरी में पस्सियां गिरने से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद है। एसएपी हाईवे संजय कोतवाल के मुताबिक करीब एक हजार वाहन हाईवे पर फंसे हुए हैं। जम्मू-उधमपुर रेल मार्ग पर रामनगर स्टेशन के पास ट्रैक पर मलबा और पस्सियां आने से रेल सेवा कुछ देर के लिए बाधित रही।
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कठुआ जिले के बसोहली के शीतल नगर पूंड से सटे नगाली नाले में पानी के तेज बहाव में महिला लापता है। आरएस पुरा सेक्टर में बीएसएफ की दो पोस्ट के जवानों को अस्थायी पोस्ट में जाना पड़ा।
कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में तरनाह नाले में आई बाढ़ की वजह से बीओपी (बार्डर आउट पोस्ट) बोबिया और लौंडी के बीच 20 मीटर तार बहने की खबर है। बारिश के चलते बिजली ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर खाई में गिरी एसयूवी
जम्मू में भारी बारिश
- फोटो : Amar Ujala
रामबन जिले के बनिहाल के पास शेर बीबी इलाके में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर एक एसयूवी के गहरी खाई में गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई। यहीं एक टैक्सी के पलट जाने से तीन लोग घायल हो गए। डोडा जिले के भद्रवाह के सरोरा गांव में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए।
कठुआ जिले की तमाम नदियां और नाले उफान पर हैं। जखवड़ और महानपुर में दो कच्चे मकान गिरने से तीन लोग घायल हो गए। उज्ज दरिया में घंटों 1 लाख 19 हजार क्यूसेक से अधिक पानी बहता रहा। यह खतरे के निशान से 35 हजार क्यूसेक अधिक रहा। शाम को यहां जलस्तर घटकर 50 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था।
उज्ज में बाढ़ में फंसे पीएचई विभाग के दो मुलाजिमों को एसडीआरएफ की टीम ने मुश्किल से बचाया। दोनों बिलावर क्षेत्र के बरदात नाले में स्थित पंपिंग स्टेशन पर ड्यूटी दे रहे थे। सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि बह गई। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए जिला अधिकारियों और कर्मचारियों को छुट्टी पर न जाने और बिना बताए स्टेशन नहीं छोड़ने के निर्देश जारी किए।
जम्मू के फलां मंडाल क्षेत्र में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। शहर के कई इलाकों में मकान गिर गए। तवी नदी में आई बाढ़ की वजह से फलां मंडाल को जाने वाले पुल की आवाजाही दिनभर बंद रखी गई। कृत्रिम झील की रिटेनिंग वाल टूट गई और एक पिलर टेढ़ा हो गया। बख्शी नगर में बीच सड़क जीएमसी के बाहर पेड़ गिर गया। गांधी नगर इलाके में भी एक मकान गिर गया।
हालांकि, इसमें रहने वाले परिवार के लोग बाल बाल बच गए। भारी बारिश के चलते अखनूर में चिनाब दरिया का जलस्तर 34 गज तक पहुंच गया जो खतरे के निशान से एक गज कम है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया था और दरिया से सटे गांवों के लोगों को सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दे दिए गए।
कठुआ जिले की तमाम नदियां और नाले उफान पर हैं। जखवड़ और महानपुर में दो कच्चे मकान गिरने से तीन लोग घायल हो गए। उज्ज दरिया में घंटों 1 लाख 19 हजार क्यूसेक से अधिक पानी बहता रहा। यह खतरे के निशान से 35 हजार क्यूसेक अधिक रहा। शाम को यहां जलस्तर घटकर 50 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया था।
उज्ज में बाढ़ में फंसे पीएचई विभाग के दो मुलाजिमों को एसडीआरएफ की टीम ने मुश्किल से बचाया। दोनों बिलावर क्षेत्र के बरदात नाले में स्थित पंपिंग स्टेशन पर ड्यूटी दे रहे थे। सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि बह गई। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए जिला अधिकारियों और कर्मचारियों को छुट्टी पर न जाने और बिना बताए स्टेशन नहीं छोड़ने के निर्देश जारी किए।
जम्मू के फलां मंडाल क्षेत्र में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। शहर के कई इलाकों में मकान गिर गए। तवी नदी में आई बाढ़ की वजह से फलां मंडाल को जाने वाले पुल की आवाजाही दिनभर बंद रखी गई। कृत्रिम झील की रिटेनिंग वाल टूट गई और एक पिलर टेढ़ा हो गया। बख्शी नगर में बीच सड़क जीएमसी के बाहर पेड़ गिर गया। गांधी नगर इलाके में भी एक मकान गिर गया।
हालांकि, इसमें रहने वाले परिवार के लोग बाल बाल बच गए। भारी बारिश के चलते अखनूर में चिनाब दरिया का जलस्तर 34 गज तक पहुंच गया जो खतरे के निशान से एक गज कम है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया था और दरिया से सटे गांवों के लोगों को सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दे दिए गए।
कई इलाकों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
बारिश की वजह से मकान ढहा
- फोटो : Amar Ujala
बल्ले बाग के गुज्जर परिवार के लोगों को पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। खौड़ और अखनूर क्षेत्र में बाढ़ की निगरानी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। पलवां खड्ड में पानी आने से सोहाल मार्ग चार घंटे बंद रहा। खौड़ क्षेत्र में बारिश से आठ मकान ढहने की खबर है। ठंडी चोई क्षेत्र के एक किसान की पांच बकरियां बाढ़ में बह गईं।
आरएस पुरा उपजिले के सीमावर्ती गांव कत्याल की गुज्जर बस्ती के 12 परिवारों के 80 लोगों को मवेशियों समेत सेना और पुलिस ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाल लिया। ये सभी निक्की तवी और बलोल नाले में आई बाढ़ में फंस गए थे।
सांबा जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से पुरमंडल के गांव दयोन की रहने वाली एक महिला की मौत हो गई। सांबा-राजपुरा मार्ग पर यातायात देर शाम तक ठप रहा। राजोरी के सुंदरबनी में बारिश की वजह से कार फिसल कर पेड़ से टकरा गई। इसके दो घायलों को जम्मू रेफर किया गया।
राजोरी-बुद्धल सड़क मार्ग भूस्खलन के चलते बंद रहा। उधमपुर जिले में पंचैरी व मोंगरी तहसील भी जिला मुख्यालय से कट गए। बिरमा नदी में फंसे तीन लोगों को बचा लिया गया। घोरड़ी खास पंचायत के खजुरपानी मोड़ा में पहाड़ी पर स्थित चार कच्चे मकान पस्सियां गिरने के कारण मलबे में तब्दील हो गए।
आरएस पुरा उपजिले के सीमावर्ती गांव कत्याल की गुज्जर बस्ती के 12 परिवारों के 80 लोगों को मवेशियों समेत सेना और पुलिस ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाल लिया। ये सभी निक्की तवी और बलोल नाले में आई बाढ़ में फंस गए थे।
सांबा जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से पुरमंडल के गांव दयोन की रहने वाली एक महिला की मौत हो गई। सांबा-राजपुरा मार्ग पर यातायात देर शाम तक ठप रहा। राजोरी के सुंदरबनी में बारिश की वजह से कार फिसल कर पेड़ से टकरा गई। इसके दो घायलों को जम्मू रेफर किया गया।
राजोरी-बुद्धल सड़क मार्ग भूस्खलन के चलते बंद रहा। उधमपुर जिले में पंचैरी व मोंगरी तहसील भी जिला मुख्यालय से कट गए। बिरमा नदी में फंसे तीन लोगों को बचा लिया गया। घोरड़ी खास पंचायत के खजुरपानी मोड़ा में पहाड़ी पर स्थित चार कच्चे मकान पस्सियां गिरने के कारण मलबे में तब्दील हो गए।