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'बारिश' पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़

barish shayari collection
                
                                                         
                            

थोड़ी सी बारिश होती है
कितनी जल्दी भर जाता हूं
- ज़ियाउल मुस्तफ़ा तुर्क 


हम से पूछो मिज़ाज बारिश का
हम जो कच्चे मकान वाले हैं
- अशफ़ाक़ अंजुम 

अजब पुर-लुत्फ़ मंज़र देखता रहता हूँ बारिश में
बदन जलता है और मैं भीगता रहता हूँ बारिश में
- ख़ालिद मोईन 


हैरत से तकता है सहरा बारिश के नज़राने को
कितनी दूर से आई है ये रेत से हाथ मिलाने को
- सऊद उस्मानी 

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4 वर्ष पहले

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