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'चिट्ठी' पर कहे शायरों के अल्फ़ाज़

chitthi shayari collection
                
                                                         
                            

फूल सा इक लिफ़ाफ़ा मेरे नाम का
एक चिट्ठी थी उस में महकती हुई
- संदीप ठाकुर


मेरी ख़ातिर कोश भाग्य का घट जाता है
दिल की हर चिट्ठी का कोना फट जाता है
- मधूरिमा सिंह 

भेजिए कोई बुलावा कोई चिट्ठी भेजिए
अपने उन परदेसियों से शहर-दारी कीजिए
- नबील अहमद नबील 


लापता हूँ मैं घर नहीं कोई
चिट्ठी झूटी है तार झूटा है
- चाँद अकबराबादी 

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4 वर्ष पहले

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