ये कमरा और ये गर्द-ओ-ग़ुबार उस का है
वो जिस ने आना नहीं इंतिज़ार उस का है
- यासमीन हबीब
तू अकेला है बंद है कमरा
अब तो चेहरा उतार कर रख दे
- शीन काफ़ निज़ाम
यही कमरा था जिस में चैन से हम जी रहे थे
ये तन्हाई तो इतनी बे-मुरव्वत अब हुई है
- शारिक़ कैफ़ी
सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है
हर घर में बस एक ही कमरा कम है
- जावेद अख़्तर
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