बीटीसी की सीटें बढ़ेगी, कम मेरिट वालों को भी मिलेगा दाखिला
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बीटीसी की एक-एक सीट के लिए अब मारामारी नहीं होगी। कम मेरिट वालों को भी निजी कॉलेजों में आसानी से दाखिला मिल सकेगा। प्रदेश में 181 और निजी कॉलेजों को बीटीसी की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति देने की तैयारी है। इन्हें संबद्धता मिलने से बीटीसी की 9050 सीटें और बढ़ जाएंगी।
राज्य स्तरीय समिति की बैठक में नए कॉलेजों को संबद्धता देने की सिफारिश की गई है। अब शासन इस संबंध में जल्द आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है। 181 कॉलेजों को संबद्धता मिलने से प्रदेश में निजी कॉलेजों की संख्या 883 हो जाएगी और इनमें सीटों की संख्या 44,150 हो जाएगी। सरकारी यानी डायटों में बीटीसी की 10,450 सीटें हैं।
एक-एक सीट की नहीं रहेगी मारामारी
प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। राज्य सरकार पहले बीएड वालों को छह माह का विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर प्राइमरी में शिक्षक बना देती थी, लेकिन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से बीएड वालों को शिक्षक बनाने पर रोक के बाद से बीटीसी का क्रेज काफी तेजी से बढ़ा है। इसलिए बीटीसी की एक-एक सीट के लिए मारामारी रहती है।
प्रदेश में बीटीसी के मौजूदा समय 702 निजी कॉलेज हैं। राज्य स्तरीय समिति की हाल ही हुई बैठक में 181 कॉलेजों को संबद्धता देने के लिए मानक के अनुरूप पाया गया है। समिति ने शासन से इन कॉलेजों को संबद्धता देने का अनुरोध किया है। हर निजी बीटीसी कॉलेज में 50 सीटें होती हैं।