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Lucknow News: जिपं सदस्य और बर्खास्त सिपाही पर कार्रवाई, थाने में प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:30 AM IST
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मोहनलालगंज थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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मोहनलालगंज। अवैध खनन के मामले में सोमवार को जिपं सदस्य और बर्खास्त सिपाही पर शांतिभंग में कार्रवाई की गई। जानकारी होने पर थाने पहुंचे अधिवक्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए थाने में प्रदर्शन किया। किसी तरह अधिकारियों के समझाने पर वे मान गए और धरना खत्म कर दिया।
इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 23 मई को लेखपाल ने रंजीतखेड़ा गांव में सरकारी भूमि पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सोमवार को जांच के दौरान जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव और बर्खास्त सिपाही रोशन रजा को बुलाया गया था। जांच में भूमिका मिलने पर दोनों पर शांतिभंग में कार्रवाई की गई। दोपहर में मामले की जानकारी लेने पूर्व विधायक अंबरीश सिंह पुष्कर व कुछ अधिवक्ता थाने पहुंच गए। पूर्व विधायक का आरोप था कि पुलिस ने उनसे और अधिवक्ताओं से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इससे नाराज लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ल व महामंत्री राम लखन यादव के नेतृत्व में और अधिवक्ता थाने आ गए। सभी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन को खत्म करा दिया। इंस्पेक्टर के अनुसार अधिवक्ताओं के प्रति कोई अमर्यादित व्यवहार नहीं किया गया। सभी आरोप निराधार हैं।
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इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 23 मई को लेखपाल ने रंजीतखेड़ा गांव में सरकारी भूमि पर अवैध खनन का आरोप लगाते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। सोमवार को जांच के दौरान जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव और बर्खास्त सिपाही रोशन रजा को बुलाया गया था। जांच में भूमिका मिलने पर दोनों पर शांतिभंग में कार्रवाई की गई। दोपहर में मामले की जानकारी लेने पूर्व विधायक अंबरीश सिंह पुष्कर व कुछ अधिवक्ता थाने पहुंच गए। पूर्व विधायक का आरोप था कि पुलिस ने उनसे और अधिवक्ताओं से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इससे नाराज लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ल व महामंत्री राम लखन यादव के नेतृत्व में और अधिवक्ता थाने आ गए। सभी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन को खत्म करा दिया। इंस्पेक्टर के अनुसार अधिवक्ताओं के प्रति कोई अमर्यादित व्यवहार नहीं किया गया। सभी आरोप निराधार हैं।

मोहनलालगंज थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

मोहनलालगंज थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

मोहनलालगंज थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

मोहनलालगंज थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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