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समाजवादियों के ‘चहेते’ बेनी बाबू
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 23 Aug 2013 01:51 PM IST
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बेनी बाबू का भी जवाब नहीं। खरी-खोटी सुनाने के बावजूद वह समाजवादियों के बीच चर्चा में रहते है। बेनी बाबू का इधर सपा को लेकर कोई कोई बयान नहीं आया तो सपाइयों को चिंता हुई।
पार्टी कार्यालय में यह बात चर्चा का मुद्दा बन गई कि बेनी बाबू आखिर हैं कहां। एक दिन कार्यालय के बाहर चाय की दुकान पर चर्चा के दौरान कुछ लोगों ने बेनी बाबू की तबियत नासाज होने की चर्चा छेड़ दी। फिर क्या था।
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सपाई बेनी बाबू की सेहत की समीक्षा करने लगे। किसी ने कहा कि उम्र अपना असर दिखाती है तो कोई बोला आदमी है दमदार। करता अपने ही मन की है। इसी बीच वहां बैठे एक नेता टिप्पणी की, कुछ भी हो।
आखिर हैं तो अपने नेताजी के ही दोस्त। जब नेताजी नहीं झुकते तो बेनी बाबू कहां झुकने वाले। चाय वाले ने टिप्पणी की कि बात सही है कि लागी जल्दी नहीं छूटती।
बेनी बाबू भले ही पार्टी में न हों लेकिन सपाइयों के दिल से नहीं निकल सकते।