हर्ष फायरिंग करने वालों के खिलाफ दर्ज होगा केस
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सूबे में बढ़ रही हर्ष फायरिंग की घटनाएं पर फिर सख्त रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने सूबे के प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि शादी व अन्य मौके पर हर्ष फायरिंग पर रोक संबंधी पहले दिए गए आदेशों व निर्देशों का कड़ाई से पालन कराएं।
साथ ही यह भी निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं में किसी की मौत होने पर या फिर जख्मी होने की स्थिति में पुलिस बगैर शिकायत का इंतजार किए केस दर्ज करे।
न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने यह आदेश एक अपील के मामले में सुनवाई के दौरान हर्ष फायरिंग का मुद्दा उठाए जाने पर दिया।
हर्ष फायरिंग से लगातार बढ़ रहे हैं हादसे
दरअसल, अदालत को बताया गया कि कोर्ट की रोक के बावजूद सूबे में हर्ष फायरिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें लोग या तो जान गंवा रहे हैं या फिर जख्मी हो रहे हैं।
कोर्ट ने कहा, ऐसा लगता है कि वर्ष 2012 में दिए गए हर्ष फायरिंग पर रोक के आदेश की संबंधित अधिकारी लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। ऐसे में शादी घरों, होटलों, गेस्ट हाउसों, ग्राम प्रधानों और पुलिस अफसरों को रोक के इस आदेश का ध्यान दिलाने की जरूरत है।
कोर्ट के निर्देश के तहत शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा ने इस आदेश की कॉपी प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को पालन के लिए भेज दी है। अपील पर अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।