लखनऊ मेट्रो पर 'सब गंभीर', ट्रेनों की संख्या भी घोषित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार ई. श्रीधरन ने लखनऊ मेट्रो की वित्तीय जरूरतों को समय से पूरा कराने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से पिछले बजट में चालू वित्तीय वर्ष (2014-15) के लिए लखनऊ मेट्रो के लिए अनुमोदित 100 करोड़ रुपये में कम से कम 50 करोड़ रुपये मांगेंगे। इसके लिए वह खुद केंद्र सरकार से संपर्क साधेंगे।
एलएमआरसी को अगर ये 50 करोड़ रुपये 31 मार्च तक नहीं मिले तो पूरे 100 करोड़ रुपये लैप्स हो जाएंगे। श्रीधरन ने बताया कि इसे लेकर कोशिशें शुरू कर दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि पीआईबी स्वीकृति के बिना ही एलएमआसरसी को ये 50 करोड़ रुपये दे दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह धन मिलना अब एलएमआरसी के लिए बहुत जरूरी है। श्रीधरन ने मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति पर संतुष्टि जाहिर की।
मेट्रो की 20 ट्रेनें दौड़ेंगी लखनऊ में
श्रीधरन ने बताया कि 65 सप्ताह के भीतर 80 बोगियां बन कर आ जाएंगी। लखनऊ मेट्रो का संचालन 20 ट्रेनों के जरिये किया जाएगा। हर ट्रेन में चार बोगियां होंगी। जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ती जाएगी। ट्रेनें भी बढ़ाई जाएंगी।
ई. श्रीधरन बृहस्पतिवार दोपहर लखनऊ आने के बाद प्रमुख सचिव आवास सदाकांत से मुलाकात की। फिर अमौसी में कास्टिंग यार्ड और रूट पर किए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव, निदेशक दलजीत सिंह, महेंद्र कुमार और एके रस्तोगी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
श्रीधरन ने बताया कि रोलिंग स्टॉक को लेकर किया गया टेंडर सही दिशा में है। 31 मार्च को टेंडर होगा। उसी दिन आधे घंटे बाद इसको खोला जाएगा। तकनीकी बिड से पास होने के बाद चुनी हुई कंपनियों को वित्तीय बिड में शामिल किया जाएगा। इसके बाद चयन होगा।