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जल्द बनकर तैयार होगा ऐशबाग स्टेशन, यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 17 Feb 2017 02:33 PM IST
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ऐशबाग स्टेशन
- फोटो : amar ujala
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ऐशबाग रेलवे स्टेशन जल्द ही लखनऊ जंक्शन को टक्कर देगा। पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में शामिल होने जा रहे ऐशबाग स्टेशन पर यात्रियों को एस्केलेटर, लिफ्ट, एसी लाउंज जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
साथ ही कानपुर जाने वाली ट्रेनों को ‘कैंची’ की मदद से सीधे मानकनगर रवाना किया जाएगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा। उल्लेखनीय है कि ऐशबाग-सीतापुर के बीच 80 किमी का अमान परिवर्तन का काम तेजी से चल रहा है।
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रेलवे विकास निगम लिमिटेड(आरवीएनएल) की देखरेख में हो रहे काम के तहत का बजट 350 करोड़ रुपये है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 149 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
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उधर, ऐशबाग से मानकनगर के बीच ‘कैंची’ के लिए खुदाई शुरू हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि रूट की छोटी लाइन की पटरियों की जगह ब्रॉडगेज कर दिया गया है। स्टेशन पर कुल सात रेलवे लाइनें होंगी, जिसमें से प्लेटफार्म नंबर चार-पांच वीआईपी प्लेटफार्म होंगे।
ऐशबाग स्टेशन के सेकेंड एंट्री की ओर वाले छोर को टर्मिनेटिंग ट्रेनों के लिहाज से डवलप किया जा रहा है। सीतापुर, मैलानी से आने वाली पैसेंजर व मेमू को टर्मिनेट कर दोबारा चलाया जाएगा।
बीच के प्लेटफार्मों पर उन ट्रेनों को लाया जाएगा, जिन्हें लखनऊ जंक्शन की जगह कानपुर की ओर डायवर्ट करना होगा। स्टेशन के मुख्य द्वार की ओर वाले प्लेटफार्मं गोरखपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों के लिए होंगे, जिन्हें लखनऊ जंक्शन तक ले जाया जाएगा।
2020 तक फुल स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें
ऐशबाग स्टेशन
- फोटो : amar ujala
अमान परिवर्तन के बाद ऐशबाग-सीतापुर रूट पर सबसे पहले पैसेंजर ट्रेनें चलाने की योजना है। उम्मीद है कि शुरुआत में दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी। इस रूट की शान नैनीताल एक्सप्रेस को भी चलाने की तैयारी है। ब्रॉडगेज होने से दिल्ली के लिए नया रूट खुलेगा।
अंग्रेजों के जमाने में बने ऐशबाग रेलवे स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे ‘पिक एंड ड्रॉप’ स्टेशन बना रहा है। स्टेशन के मेन गेट की ओर सड़क संकरी है और मेन गेट बनने के बाद पार्किंग खत्म हो गई है। इससे वाहनों की एंट्री बंद होगी। यहां सिर्फ यात्रियों को पिक व ड्रॉप ही किया जा सकेगा।
अफसरों की मानें तो ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड का अमान परिवर्तन इस वर्ष पूरा हो जाएगा। लेकिन सीतापुर से मैलानी के बीच अभी समय लगेगा। उम्मीद है कि 2020 तक ऐशबाग से मैलानी तक अमान परितर्वन हो जाएगा, जिसके बाद इलेक्ट्रिफिकेशन होगा, जिससे मेमू व इलेक्ट्रिक इंजन को रफ्तार मिलेगी।
‘ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड के अमान परिवर्तन को तेजी से पूरा किया जा रहा है। ऐशबाग से कानपुर जाने वाली ट्रेनों को लखनऊ जंक्शन नहीं भेजना पड़ेगा। दूसरे, स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर फोकस किया गया है, जिसमें एस्केलेटर वगैरह शामिल हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार सुविधाएं जुड़ती रहेंगी’
-संजय यादव, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
अंग्रेजों के जमाने में बने ऐशबाग रेलवे स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे ‘पिक एंड ड्रॉप’ स्टेशन बना रहा है। स्टेशन के मेन गेट की ओर सड़क संकरी है और मेन गेट बनने के बाद पार्किंग खत्म हो गई है। इससे वाहनों की एंट्री बंद होगी। यहां सिर्फ यात्रियों को पिक व ड्रॉप ही किया जा सकेगा।
अफसरों की मानें तो ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड का अमान परिवर्तन इस वर्ष पूरा हो जाएगा। लेकिन सीतापुर से मैलानी के बीच अभी समय लगेगा। उम्मीद है कि 2020 तक ऐशबाग से मैलानी तक अमान परितर्वन हो जाएगा, जिसके बाद इलेक्ट्रिफिकेशन होगा, जिससे मेमू व इलेक्ट्रिक इंजन को रफ्तार मिलेगी।
‘ऐशबाग-सीतापुर रेलखंड के अमान परिवर्तन को तेजी से पूरा किया जा रहा है। ऐशबाग से कानपुर जाने वाली ट्रेनों को लखनऊ जंक्शन नहीं भेजना पड़ेगा। दूसरे, स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर फोकस किया गया है, जिसमें एस्केलेटर वगैरह शामिल हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार सुविधाएं जुड़ती रहेंगी’
-संजय यादव, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे