यूपी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट का पहला फेज पूरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी से आगरा के बीच बन रहे एक्सप्रेस वे में ज्यादातर स्थानों पर मिट्टी लेवलिंग का काम पूरा हो गया है। इसके बनने से लखनऊ और आगरा के बीच 302 किलोमीटर का सफर महज साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा हो सकेगा। एक्सप्रेस वे की चौड़ाई 110 मीटर होगी।
‘अमर उजाला’ ने सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के एरियल सर्वे में पाया कि कुछ स्थानों पर वन विभाग की अनुमति न मिल पाने के कारण काम रुके हैं। जबकि चार स्थानों पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और नदियों पर पुल बनाने का काम शेष है। अगले साल अक्तूबर तक यह एक्सप्रेस-वे जनता को समर्पित हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ नवनीत सहगल ने बताया कि एक्सप्रेस वे के रास्ते में 120 हेक्टेयर जमीन ऐसी है, जिसमें वन विभाग की अनुमति चाहिए। इसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है।
सबसे कम समय में बन जाएगा हाइवे
जहां तक चार रेलवे ओवर ब्रिज की बात है, इनकी अनुमति मिल चुकी है। इनमें से दो आरओबी पर काम शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। ये आरओबी छह महीने में तैयार करवाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि यह एक्सप्रेस वे देश में सबसे कम समय में तैयार होने वाला एक्सप्रेस वे बन जाएगा।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के फायदे
- आगरा पहुंचने वाले पर्यटक आसानी से आ सकेंगे लखनऊ
- वेस्ट यूपी व लखनऊ के बीच तेज व सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी
- एक्सप्रेस-वे जिन क्षेत्रों से गुजरेगा, वहां कृषि, वाणिज्य, पर्यटन व उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
- एक्सप्रेस-वे के पास के इलाकों में बनेंगी बड़ी कृषि मंडियां
इन जिलों को जोड़ता है एक्सप्रेसवे
आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई व लखनऊ।