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लखनऊ में अफसरों ने एक सांप पकड़ने में खर्च किए 5672 रुपये
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 07 Jul 2017 02:02 PM IST
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एलडीए के पूर्व वीसी सत्येंद्र सिंह की ओर से आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, 13 जून 2015 से लेकर 31 मार्च 2016 तक 50,14,380 रुपये खर्च किए गए। इसमें 376 एकड़ में फैले पार्क में 884 सांप पकड़े गए।
बजट खर्च होने की प्रत्याशा में 10 नवंबर 2016 को दोबारा एक और टेंडर किया गया। जांच में अनियमितता तकनीकी टीम को यह मिली कि बिना टेंडर के सांप पकड़वाने के लिए सहायक अभियंता अनूप शर्मा को 24 लाख रुपये का एडवांस भुगतान कर दिया गया।
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यह भुगतान 4 मार्च 2016 से 22 जुलाई 2016 के बीच किया गया। एलडीए की रिपोर्ट के मुताबिक, जनेश्वर मिश्र पार्क में आने वाले विजिटर्स सुरक्षित रहें। इसके लिए एलडीए ने सांप पकड़ने का काम 13 जून 2015 से शुरू कराया।
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31 मार्च तक एलडीए के लगाए सपेरे 884 सांप पकड़ चुके हैं। सांपों को पकड़ने के लिए एलडीए ने सपेरों को 50.14 लाख रुपये का भुगतान किया। यानी, एक सांप को पकड़ने के लिए 5672 रुपये एलडीए ने खर्च किए।
छह महीने के लिए 11.55 लाख रुपये का खर्च
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यह रिपोर्ट खुद पूर्व मुख्य अभियंता ओपी मिश्र ने वीसी कार्यालय को भेजी थी। कुल 12 सपेरों को इस काम के लिए लगाया गया। इनका काम रोजाना सांपों की तलाश कर पकड़ना है।
सांपों की वजह से कोई जनहानि न हो। ऐसे में पिछली सरकार के आदेश पर ही यह कवायद की गई। 10 नवंबर 2016 को एलडीए ने फिर से सपेरों की आपूर्ति के लिए टेंडर किया।
छह महीने केलिए हुए इस टेंडर में 11.55 लाख रुपए का भुगतान किया जाना था। हालांकि, इसी बीच जांच शुरू होने के बाद एलडीए के लेखा विभाग ने भुगतान पर रोक लगा दी। कोबरा, वाइपर, पनिहा, विष खोपड़ा, धामिन, अजगर, दोमुंहा, करैत सांपों को पकड़ा गया।
‘सांप पकड़ने के लिए नौ करोड़ रुपये खर्च होने की बात अलग-अलग जगह बताई जा रही है। यह गलत सूचना है। अभी हाल में केवल सिर्फ 11.55 लाख रुपए का टेंडर हुआ है। यह बजट छह महीने केलिए है।’ - ओपी मिश्रा, मुख्य अभियंता- एलडीए
सांपों की वजह से कोई जनहानि न हो। ऐसे में पिछली सरकार के आदेश पर ही यह कवायद की गई। 10 नवंबर 2016 को एलडीए ने फिर से सपेरों की आपूर्ति के लिए टेंडर किया।
छह महीने केलिए हुए इस टेंडर में 11.55 लाख रुपए का भुगतान किया जाना था। हालांकि, इसी बीच जांच शुरू होने के बाद एलडीए के लेखा विभाग ने भुगतान पर रोक लगा दी। कोबरा, वाइपर, पनिहा, विष खोपड़ा, धामिन, अजगर, दोमुंहा, करैत सांपों को पकड़ा गया।
‘सांप पकड़ने के लिए नौ करोड़ रुपये खर्च होने की बात अलग-अलग जगह बताई जा रही है। यह गलत सूचना है। अभी हाल में केवल सिर्फ 11.55 लाख रुपए का टेंडर हुआ है। यह बजट छह महीने केलिए है।’ - ओपी मिश्रा, मुख्य अभियंता- एलडीए