एलयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर हंगामा, रोड जाम, आत्मदाह का प्रयास
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लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की मांग और अपने ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को छात्र आक्रोशित हो उठे। अनशन के तीसरे दिन भी कोई सुनवाई न होने से नाराज स्टूडेंट्स ने पहले गेट नंबर एक पर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन ने जाम खुलवाया तो छात्रों ने आत्मदाह की कोशिश की।
मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। स्टूडेंट्स का आरोप है कि एलयू प्रशासन इस मामले में उदासीन बना हुआ है। जबकि विवि प्रशासन चाहे तो हाईकोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई के लिए प्रयास कर सकता है। वहीं एलयू प्रशासन पहले की तरह मामला कोर्ट में होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ रहा है।
रोड जाम कर रहे स्टूडेंट्स को अंदर करके भाऊराव देवरस द्वार पर ताला लगा दिया गया। इसके बाद स्टूडेंट्स ने आत्मदाह की कोशिश की। देर शाम तक विवि में स्थिति जस की तस बनी रही। विवि में पिछले 12 साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं।
हाईकोर्ट ने चुनाव लगाया था स्टे
वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद छात्रसंघ चुनाव होने की उम्मीद जगी थी। उस समय छात्रसंघ चुनाव की घोषणा भी हुई थी, लेकिन छात्र हेमंत कुमार ने आयु और छात्रसंघ चुनाव के मॉडल पर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए चुनाव पर स्टे लगा दिया था।
इसके बाद से कई याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी पर भी अंतिम निर्णय नहीं आया है। स्टूडेंट्स का आरोप है कि विवि प्रशासन जानबूझकर मामले को लटकाए रहना चाहता है। इसी वजह से जल्द सुनवाई के लिए पत्र लिखने को तैयार नहीं है। इसी को लेकर स्टूडेंट्स ने विवि में 18 सितंबर से धरने की शुरुआत की थी।
इसके बाद से परिसर में अभियान भी चलाया गया। कोई नतीजा न निकलने पर मंगलवार से 11 स्टूडेंट्स ने अनशन की शुरुआत की थी। इनमें से दो छात्रों की हालत बुधवार को खराब हो गई। इसके बाद बृहस्पतिवार को अजीत प्रताप समेत दो और छात्रों की हालत खराब हो गई। इन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।