इन्हें भी चाहिए शिक्षामित्रों जैसा समायोजन
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आचार्य अनुदेशक व मदरसा अनुदेशकों को शिक्षा मित्र की तरह प्राथमिक विद्यालय में समायोजित करने की मांग को लेकर मंगलवार को अनुदेशकों ने हजरतगंज चौराहा जाम करने का प्रयास किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों समझाया तब वे रैली निकाल कर लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचें, जहां धरने पर बैठ गए। बाद में अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
और तेज होगा आंदोलन
ज्ञापन में चेतावनी दी है कि अगर 20 अगस्त तक समायोजन की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना प्रदर्शन उप्र. वैकल्पिक शिक्षा आचार्य अनुदेशक एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जगदंबा सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों की तरह अनुदेशकों के समायोजन की मांग पूरी नहीं हुई तो एसोसिएशन बड़ा आंदोलन करेगी।
शिक्षामित्र खुद भी कर रहे इंतजार
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार 1.70 लाख शिक्षामित्रों को चरणबद्ध तरीके से प्राथमिक स्कूलों में समायोजित करने का आदेश दिया था।
आदेश पर अमल करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 58,826 शिक्षामित्रों को 31 जुलाई तक समायोजित करने का आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिया था।
हालांकि ज्यादातर प्रदेश के ज्यादातर स्कूलों में यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है।
नहीं पूरा हुआ आदेश तो कार्रवाई करो
जिस पर उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने मांग की थी कि शासन के आदेश का पालन न करने वाले बेसिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
वहीं नियुक्ति पत्र न भेजे जाने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी थी।
अस्थायी शिक्षक के रूप में कार्य करने की शर्त
उल्लेखनीय है कि कुल जिलों में समायोजन की प्रकिया शुरू हो गई थी।
समायोजन पर बताया गया था कि शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक का वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4200 रुपये दिया जाएगा। वे एक साल तक अस्थायी शिक्षक के रूप में कार्य करेंगे।