रईस घरों के बिगड़ैलों ने बनाया रफ्तार गैंग, मजे के लिए करते क्राइम
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विकासनगर पुलिस ने महंगी बाइक पर फर्राटा भरने वाले तीन लड़कों को शुक्रवार रात गिरफ्तार करके रफ्तार गैंग का पर्दाफाश किया है।
संपन्न परिवारों के 14 बिगड़ैल लड़कों ने फिल्म धूम व किक देखकर रफ्तार गैंग बनाया और चेन व पर्स लूट की ताबड़तोड़ वारदात अंजाम देकर पुलिस की नाक में दम कर दिया था। आईजी जोन ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि एसओ विकासनगर की टीम ने शुक्रवार रात सचिवालय कॉलोनी चौराहे के पास नाकाबंदी करके महंगी व तेजरफ्तार बाइक पर फर्राटा भरते जा रहे जानकीपुरम के सेक्टर-एफ निवासी सिद्धार्थ मोहन, विशाल सिंह व आयुश आनंद को पकड़ा।
23 वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली
कड़ाई से पूछताछ में सिद्धार्थ, विशाल व आयुश ने विकासनगर, अलीगंज, महानगर, मड़ियांव, जानकीपुरम, हसनगंज इलाके में चेन व पर्स लूट की 23 वारदातें कुबूलीं।
सिद्धार्थ के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह अपनी बुआ के साथ रहता है। बुआ डॉक्टर और फूफा मीडियाकर्मी हैं। विशाल सिंह के पिता विनोद कुमार सिंह देवरिया के सलेमपुर स्थित एक स्कूल में प्रिंसिपल और मां जानकीपुरम इलाके के एक अस्पताल में नर्स हैं।
पति से अनबन के चलते वह जानकीपुरम में रहकर नौकरी के साथ अपने बेटे को पढ़ा रही थीं। आयुश के पिता सुनील कुमार दवा व्यवसायी और मां एक राजनीतिक दल से जुड़ी हैं।
स्टंट के साथ लूट कर रहा था रफ्तार गैंग
बदमाशों ने कुबूला कि किक व धूम फिल्म देखकर अपने अभिभावकों से हाईस्पीड बाइक दिलाने की जिद की। आयुश आनंद को उसके पिता ने 1.64 लाख कीमत की बाइक दिलाई। विशाल सिंह की जिद पर उसकी मां ने हाईस्पीड बाइक खरीद दी।
स्टंटबाजी के दौरान आयुश ने मोहल्ले के अन्य लड़कों को साथ जोड़ा। नशे व अन्य बुरी आदतों के खर्च पूरे करने के लिए 14 लड़कों का रफ्तार गैंग बना डाला।
भीड़ के बीच तेजरफ्तार से बाइक दौड़ाने में महारथ हासिल किए गिरोह ने चेन व पर्स लूट शुरू कर दी।
बदमाशों के कब्जे से विभिन्न स्थानों पर पर्स के साथ लूटे दस मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, 58 सौ रुपये व दो हाईस्पीड बाइक बरामद हुईं। बदमाशों ने अलीगंज के एक दुकानदार को लूटी चेन बेचने की बात कुबूली।
धरपकड़ के दौरान एक बदमाश भाग निकला
एएसपी ट्रांसगोमती जयप्रकाश ने बताया कि धरपकड़ के दौरान एक बदमाश मौके से भाग निकला। उसकी पहचान जानकीपुरम इलाके में रहने वाले व जनरल स्टोर के मालिक अशोक राठौर के बेटे आकाश राठौर के रूप में हुई।
उसकी मां एनजीओ संचालिका बताई गई है। इसी तरह विवेक वर्मा नामक बदमाश का नाम पता चला है। हत्थे चढ़े बदमाशों ने अपने दोस्तों के नाम कुबूले हैं। पता लगाया जा रहा है कि उनमें से कितने लड़के उनके गैंग से जुड़कर वारदात अंजाम दे रहे थे।
बी-फार्मा की तैयारी में थे लुटेरे
एसएसपी ने बताया कि हत्थे चढ़े तीनों बदमाशों ने देवरिया से इंटरमीडिएट पास किया था और अब बी-फार्मा में दाखिले की तैयारी में थे। देवरिया के सलेमपुर इलाके के एक स्कूल में विशाल के पिता प्रिंसिपल हैं। माना जा रहा है कि बुरी आदतों के चलते पढ़ाई में फिसड्डी लड़कों द्वारा देवरिया से इंटर की परीक्षा देने के पीछे भी राज है।
पुलिस टीम को इनाम
आईजी जोन ए सतीश गणेश ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये नगद इनाम की घोषणा की है।
टीम में एसओ विकासनगर रवि श्रीवास्तव, एसएसआई मुकुल प्रकाश, एसआई अवनीश कुमार, दुर्गा प्रसाद, लोकेश कुमार गौतम, कांस्टेबल धर्मेंद्र दुबे, विनोद कुमार सरोज, अरुण कुमार व राहुल गिरि शामिल थे।