{"_id":"b9237cccacd26b5eaf0bb7c27c123128","slug":"suspension-of-durga-shakti-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘दुर्गा’ शक्तिहीन हुई.. साथी सकते में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘दुर्गा’ शक्तिहीन हुई.. साथी सकते में
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 26 Aug 2013 09:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
युवा आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल पर कार्रवाई कितनी उचित-अनुचित थी यह तो अलग बहस की बात है, लेकिन इस अफसर पर कार्रवाई से विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को तगड़ा सबक मिला है।
युवा आईएएस अधिकारियों को तकलीफ विशेष सचिव जी श्रीनिवास लू के सस्पेंशन से भी हुई थी। तर्क है कि उनकी बात को सही ढंग से नहीं समझा गया था और गलत तरह से पेश किए जाने पर कार्रवाई कर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मगर दुर्गा शक्ति के निलंबन से जैसे सांप सूंघ गया है। बहुत सहज और सामान्य तरीके से काम करने वाले कई युवा अफसरों ने जो कहा जाए, उतना करो, समय काटो वाला रास्ता पकड़ लिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी इस दर्द को बयां करते हुए कहते हैं कि इस कार्रवाई का प्रशासनिक काम पर इतना असर पड़ेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। कई विशेष सचिव आगे आकर तमाम काम करते थे। कहीं भी कहिए हाजिर।
कुछ दिन पहले तक मुद्दों पर खुलकर राय देते थे। अब वे छोटी-छोटी बात पर भी मार्गदर्शन मांग रहे हैं। जुबानी निर्देश पर अमल के पहले लिखित आदेश देने की पत्रावली बढ़ा दे रहे हैं। इस माहौल को समझने की जरूरत है। वरना, इसका दूरगामी असर पड़ेगा।