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ढांचा ध्वंस फैसलाः नौ मिनट में सिमट गई 28 साल की कशमकश, कोर्ट बैठने से पहले पहुंच गए थे आरोपी नेता
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 01 Oct 2020 06:19 AM IST
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कुल नौ मिनट लगे 28 साल से चली आ रही कानूनी मशक्कत को समेटने में। विशेष न्यायाधीश ने नौ मिनट में फैसला सुना दिया। इसके साथ ही अदालत परिसर में ‘जय श्रीराम’ के नारे गूंजने लगे। आरोपी नेताओं के चेहरों पर चमक आ गई और एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया।
तमाम आरोपी नेता समय से अदालत परिसर में हाजिर हो गए थे। इनमें से ज्यादातर मास्क लगाए थे, मगर उनके चेहरों की रंगत उनके अंदर के तनाव को जाहिर कर रही थी। हालांकि कुछ नेता खासे मुतमईन दिख रहे थे। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे बगैर अगल-बगल बैठे नेता आपस में धीमे-धीमे बातचीत कर रहे थे। जैसे-जैसे समय बीत रहा था, उनकी बेचैनी बढ़ रही थी। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मी नेताओं की प्यास बुझाने के लिए उन्हें पानी की बोतलें देते रहे।
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लगभग पौने दो घंटे बाद जब 12.12 बजे विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव कोर्ट में बैठे तो सामने बैठे तमाम दिग्गज नेताओं ने चुप्पी साध ली। विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाना शुरू किया-इस मामले के सभी 351 गवाहों के बयान को ठीक से पढ़ा गया है। घटना अकस्मात हुई, पूर्व नियोजित नहीं थी। ...सभी को बरी किया जाता है। विशेष न्यायाधीश ने 2300 पन्नों के फैसले के ऑपरेटिव पार्ट पढ़े। इसके बाद अदालत उठ गई।
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फैसला सुनते ही आरोपी नेताओं के चेहरों पर विजयी मुस्कान आ गई। सभी इसे भगवान राम व बजरंगबली की कृपा बताने लगे। अंगुलियों से विजय आकृति बनाते हुए वे एक-एक कर बाहर निकलने लगे और अदालत परिसर के बाहर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने नारे लगाते हुए बयानबाजी में जुट गए।
कब क्या हुआ...
स्थान : पुराने हाईकोर्ट परिसर में सीबीआई की विशेष अदालत
10.30 बजे : अदालत खुली तो विनय कटियार, रामजी गुप्ता, चंपत राय, साध्वी ऋतंभरा, जयभान सिंह पवैया, धर्मदास, पवन पांडेय, जय भगवान गोयल, अमरनाथ गोयल, सुधीर कक्कड़, रामचंद्र खत्री, राम विलास वेदांती, लल्लू सिंह व ओमप्रकाश पांडेय पहुंच गए थे।
10.40 बजे : संतोष दुबे व कमलेश त्रिपाठी पहुंचे
10.51 बजे : बृजभूषण शरण सिंह आए
11.02 बजे : फैजाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी आरएन श्रीवास्तव पहुंचे
11.08 बजे : सांसद साक्षी महाराज आए
11.49 बजे : विनय कटियार, सतीश प्रधान, महंत नृत्य गोपाल दास, साध्वी ऋतंभरा, उमा भारती, सुधीर कक्कड़ आदि के वकीलों ने उनकी जमानत के दस्तावेज दाखिल किए
12.12 बजे : विशेष न्यायाधीश आए और फैसला सुनाया