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मदरसों के फर्जीवाड़े पर सरकार का कड़ा रूख
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 27 Jun 2014 02:50 AM IST
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मदरसों का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। जल्द ही सरकार मदरसों का पूरा विवरण ऑनलाइन करने जा रही है। इसके लिए फिलहाल एक सॉफ्टवेयर तैयार करवाया जा रहा है।
इसमें एक क्लिक के जरिये मदरसों की जन्म कुंडली देखी जा सकेगी। इससे फर्जी व कागजों में चल रहे मदरसों को चिह्नित करने में आसानी हो जाएगी।
दरअसल, मदरसों में आए दिन फर्जीवाड़ा सामने आता है। पिछले साल ही प्रदेश में 118 फर्जी मदरसे पकड़े गए थे। यह मदरसे केवल कागजों पर चलकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे थे।
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पिछले दिनों ही एक बुजुर्ग मदरसा संचालक को उन्हीं के अपने साथियों ने मृत दिखाकर उनके मदरसे में नई प्रबंध समिति गठित कर ली।
यह मदरसा भी सरकार से अनुदान लेने जा रहा था। इसी बीच बुजुर्ग संचालक प्रकट हो गए। उन्होंने अपने जीवित होने का प्रमाण भी दिया।
इन्हीं सब को रोकने के लिए सरकार अब एक और कदम उठाने जा रही है। इसके तहत मदरसों का पूरा विवरण ऑनलाइन किया जाएगा।
मदरसा कहां संचालित है, इसे मान्यता है या नहीं, मान्यता है तो कब मिली है, इसके प्रबंध तंत्र में कौन-कौन व्यक्ति हैं आदि विभिन्न जानकारी विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक होगी।
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मदरसों का विवरण ऑनलाइन होने से सभी को यह आसानी हो जाएगी कि उनके क्षेत्र में कुल कितने मदरसे चल रहे हैं, इसकी जानकारी उन्हें मिल जाएगी। साथ ही इन मदरसों का भौतिक सत्यापन भी आसान हो जाएगा।
अक्सर होता यह है कि कागजों में तो मदरसा चल रहा होता है लेकिन मौके पर वहां कोई दुकान या अन्य प्रतिष्ठान होती है। इससे यदि मदरसे गड़बड़ी करते हैं तो उनकी शिकायत सीधे की जा सकेगी।