धोखा खाई एक लड़की को 1090 पावरलाइन ने कैसे बचाया, पढ़ें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘1090 पावरलाइन को फोन किया। मुझे उसने धोखा दिया, मैं जीना नहीं चाहती, मैं मरने जा रही हूं। घर छोड़ चुकी हूं। कहां हो तुम... ट्रेन में।’...और फोन डिसकनेक्ट हो गया।
फोन कहां से, कौन-सी ट्रेन कुछ भी नहीं पता। बुधवार रात में आए इस फोन ने 1090 वीमेन पावरलाइन को चकरा दिया। आखिर शुरू हुई इस अन्जान लड़की की जो खुदकुशी करने को घर से निकली थी।
मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर बुधवार रात उसे चारबाग स्टेशन पर मरुधर एक्सप्रेस से उतारा गया। पता चला कि वह बीएचयू से पीएचडी कर रही है। रात होने के चलते छात्रा को एक एनजीओ के सुपुर्द किया गया। सुबह उसके परिवारीजनों को लखनऊ बुलवाकर उसे उनके हवाले कर दिया गया।
आईजी नवनीत सिकेरा ने बताया कि वाराणसी निवासी छात्रा चार साल से फेसबुक के जरिये संपर्क में आए एयरफोर्स कर्मी से प्यार करती थी। छात्रा ने शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने विवाहित होने की जानकारी दी।
मंगलवार शाम वह घर से बिना किसी को बताए निकल गई। खुदकुशी की बात पर टेली कॉलर के होश उड़ गए। पर काउंसलर उसे समझाने की कोशिश कर ही रही थीं कि फोन डिसकनेक्ट हो गया।
इस तरह किया गया लोकेशन ट्रेस
आईजी नवनीत सिकेरा के मुताबिक टेली कॉलर से जानकारी मिलते ही टीम को उसकी लोकेशन ट्रेस करने के निर्देश दिए गए। पर, लोकेशन के लिए जरूरी था कि उसके मोबाइल पर बातचीत हो रही हो।
कई बार कॉल की गई लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। इसके बाद उसके फोन पर लगातार ब्लैंक मैसेज भेजे गए। एसएमएस रिसीव होते ही छात्रा के मोबाइल फोन की लोकेशन मिलने लगी। इसी लोकेशन के आधार पर ट्रेनों की जांच कराई गई तो पता चला कि वाराणसी से मरुधर एक्सप्रेस लखनऊ की तरफ आ रही है।
इसके बाद चारबाग रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार किया जाने लगा। सीओ बबिता सिंह चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची और जीआरपी व आरपीएफ की मदद से छात्रा की पहचान कराई।
छात्रा मरुधर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अकेली बैठी रो रही थी। उसे वीमेन पावर लाइन लाया गया। यहां उसकी काउंसलिंग कराई गई।
फेसबुक पर दोस्ती...चैटिंग...प्यार और धोखा
उससे शादी का प्रस्ताव रखा तो उसने टालने की कोशिश की। छात्रा लगातार उस पर शादी का दबाव डाल रही थी। बीते सप्ताह उसने छात्रा को बताया कि वह न सिर्फ शादीशुदा है बल्कि उसके दो बच्चे भी हैं। यह सुनते ही छात्रा सदमे में आ गई।
वीमेन पावर लाइन आई छात्रा यहां की व्यवस्थाएं देखकर बेहद प्रभावित हुई। उसने अपनी ही तरह तमाम पीड़िताओं की कॉल को सुना। टेली कॉलर्स को पीड़िताओं की काउंसलिंग करते हुए देखा।
इसके बाद उसने वीमेन पावर लाइन में नौकरी करने की इच्छा जताई। आईजी नवनीत सिकेरा ने कहा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से वीमेन पावर लाइन में बाहर के लोगों को टेली कॉलर बनाया जा रहा है इसलिए नौकरी दिलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन छात्रा के बेहतर कॅरिअर को देखते हुए उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने को कहा गया। छात्रा भी उनकी बातों से सहमत होकर परिवारीजनों के साथ बृहस्पतिवार सुबह वाराणसी लौट गई।