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Rajya Sabha Elections: किस भाजपा नेता ने दर्ज कराई थी मीनाक्षी के नामांकन पर आपत्ति? संगठन व CM के हैं करीबी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Tue, 09 Jun 2026 07:38 PM IST
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सार
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराने वाले भाजपा नेता कौन हैं? नामांकन विवाद के बाद उनका नाम प्रदेश की राजनीति में प्रमुखता से उभरकर फिर से सामने आया है। जानने के लिए पढ़िए ये पूरी खबर।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने बाद चर्चा में आए राहुल कोठारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी का नाम अचानक राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र और शपथ पत्र पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराने वाले राहुल कोठारी ही थे। उनकी शिकायत के बाद मामला रिटर्निंग अफसर तक पहुंचा और पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी।
नामांकन पर उठाए थे सवाल
भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने रिटर्निंग अफसर को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन के साथ प्रस्तुत फॉर्म-26 में एक न्यायालयीन प्रकरण की जानकारी का पूर्ण खुलासा नहीं किया है। आवेदन में हैदराबाद की अदालत में लंबित निजी परिवाद का उल्लेख करते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी। भाजपा का तर्क था कि चुनावी शपथ पत्र में उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। इसी आधार पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
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भाजपा संगठन का अहम चेहरा
राहुल कोठारी वर्तमान में मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं। वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा से लेकर प्रदेश संगठन तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता और रणनीतिक भूमिका के कारण उन्हें भाजपा के उभरते नेताओं में गिना जाता है।
यह भी पढ़ें-कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, किस बात पर भाजपा ने जताई थी आपत्ति
मुख्यमंत्री मोहन यादव के करीबी माने जाते हैं
राजनीतिक हलकों में राहुल कोठारी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करीबी नेताओं में शामिल माना जाता है। संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भूमिका रही है। प्रदेश भाजपा में उन्हें भरोसेमंद संगठनात्मक चेहरों में गिना जाता है। केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छे संबंध भाजपा के भीतर राहुल कोठारी की पहचान केवल प्रदेश तक सीमित नहीं है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में हुए बदलावों के बाद भी उनकी सक्रिय भूमिका चर्चा में रही है। राहुल कोठारी का परिवार भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके संबंधों का दायरा व्यापक माना जाता है।
यह भी पढ़ें-मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर भाजपा की आपत्ति,विधानसभा में आमने-सामने आए दोनों दल,जमकर हुआ हंगामा
युवा नेतृत्व में तेजी से बढ़ा कद
भाजपा के युवा नेताओं में राहुल कोठारी का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। छात्र राजनीति और युवा मोर्चा से आगे बढ़ते हुए उन्होंने संगठन में अपनी अलग पहचान बनाई। चुनावी प्रबंधन, संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय में उनकी भूमिका को पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण माना जाता है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराने और उसके बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम के चलते राहुल कोठारी का नाम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा इसे कानूनी और प्रक्रियात्मक मुद्दा बता रही है, जबकि कांग्रेस ने इस पर राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं।
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नामांकन पर उठाए थे सवाल
भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने रिटर्निंग अफसर को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन के साथ प्रस्तुत फॉर्म-26 में एक न्यायालयीन प्रकरण की जानकारी का पूर्ण खुलासा नहीं किया है। आवेदन में हैदराबाद की अदालत में लंबित निजी परिवाद का उल्लेख करते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी। भाजपा का तर्क था कि चुनावी शपथ पत्र में उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। इसी आधार पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
भाजपा संगठन का अहम चेहरा
राहुल कोठारी वर्तमान में मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं। वे लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा से लेकर प्रदेश संगठन तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रियता और रणनीतिक भूमिका के कारण उन्हें भाजपा के उभरते नेताओं में गिना जाता है।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव के करीबी माने जाते हैं
राजनीतिक हलकों में राहुल कोठारी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करीबी नेताओं में शामिल माना जाता है। संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भूमिका रही है। प्रदेश भाजपा में उन्हें भरोसेमंद संगठनात्मक चेहरों में गिना जाता है। केंद्रीय नेतृत्व से भी अच्छे संबंध भाजपा के भीतर राहुल कोठारी की पहचान केवल प्रदेश तक सीमित नहीं है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में हुए बदलावों के बाद भी उनकी सक्रिय भूमिका चर्चा में रही है। राहुल कोठारी का परिवार भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके संबंधों का दायरा व्यापक माना जाता है।
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युवा नेतृत्व में तेजी से बढ़ा कद
भाजपा के युवा नेताओं में राहुल कोठारी का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। छात्र राजनीति और युवा मोर्चा से आगे बढ़ते हुए उन्होंने संगठन में अपनी अलग पहचान बनाई। चुनावी प्रबंधन, संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय में उनकी भूमिका को पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण माना जाता है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराने और उसके बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम के चलते राहुल कोठारी का नाम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा इसे कानूनी और प्रक्रियात्मक मुद्दा बता रही है, जबकि कांग्रेस ने इस पर राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं।

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