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बीयू में तंबू लगाकर अनिश्चितकालीन धरना: परीक्षा परिणाम अटके, PHD प्रवेश प्रभावित,फैकल्टी की कमी पर भड़के छात्र

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 12 Jun 2026 06:53 PM IST
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सार

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में फैकल्टी की कमी, लंबित परीक्षा परिणाम, पीएचडी प्रवेश में देरी और छात्र सुविधाओं की बदहाली को लेकर एबीवीपी ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। गुरुवार से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। 

Indefinite sit-in protest at BU with tents: Students outraged over stalled exam results, affected PhD admissio
बीयू में धरने पर बैठे विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) में शैक्षणिक और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में तंबू लगाकर धरने पर बैठे हैं और धारा-52 लागू करने के साथ कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। एबीवीपी का आरोप है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से फैकल्टी की कमी, परीक्षा परिणामों में देरी, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता और छात्र सुविधाओं की बदहाली जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन प्रशासन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।


पांच महीने बाद भी नहीं आए कई परीक्षा परिणाम
विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय का अकादमिक कैलेंडर पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। एमबीए प्रथम और तृतीय सेमेस्टर समेत कई पाठ्यक्रमों के परिणाम लंबे समय से लंबित हैं। जनवरी में हुई परीक्षाओं के नतीजे जून तक घोषित नहीं किए गए, जिससे विद्यार्थियों का अगला शैक्षणिक सत्र और रोजगार संबंधी अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
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पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
परिषद ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है। शोध कार्यों और उच्च शिक्षा से जुड़े कई मामलों में देरी हो रही है, जिससे शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एबीवीपी के अनुसार विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है। वर्तमान में केवल 34 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। संगठन का दावा है कि करीब 105 शिक्षकों की जरूरत है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

छात्रावास में पेयजल व्यवस्था पर सवाल
धरने पर बैठे छात्रों ने छात्रावासों की बदहाल स्थिति को भी मुद्दा बनाया है। छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था, टूटी खिड़कियों और पर्याप्त सुविधाओं के अभाव की शिकायत की है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों और नियमित सेवाओं की कमी तथा पेयजल व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

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मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जब तक विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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