सब्सक्राइब करें

जयंती विशेष: इस दरगाह पर मुंशी प्रेमचंद ने लिखा था 'ईदगाह', एक हजार साल पुराना है इसका इतिहास

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 31 Jul 2021 01:13 PM IST
विज्ञापन
jayanti Special Story of King Munshi Premchand Birthday Story In Gorakhpur
Mubarak Khan Shaheed Dargah - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर में स्थित किसी दरगाह का नाम लोगों के जहन में सबसे पहले आता है तो वह दरगाह मुबारक खां शहीद है। बेतियाहाता में स्थित इस दरगाह का इतिहास लगभग एक हजार साल पुराना है। इस दरगाह में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही धर्म के लोगों की आस्था है। दरगाह से जुड़े लोग बताते हैं कि मुंशी प्रेमचंद में इस दरगाह को लेकर गहरी आस्था थी वह यहां चादर भी चढ़ाया करते थे। उन्होंने इसी दरगाह से प्रेरित होकर ईदगाह पुस्तक लिखी।


कौन थे हजरत मुबारक खां
हजरत मुबारक खां हजरत सैयद सालार मसूद गाजी मियां अलैहिर्रहमां के खलीफा व मुरीदीन में से थे। गाजी मियां ने बुराईयों को खत्म करने के लिए आपको गारेखपुर भेजा। हक और बातिल की जंग में उन्होंने बहादुरी के साथ लड़ते-लड़ते करीब 29 साल की उम्र में शहादत का जाम पिया। यहां जुमेरात व नौचंदी जुमेरात को काफी भीड़ होती है।
jayanti Special Story of King Munshi Premchand Birthday Story In Gorakhpur
Mubarak Khan Shaheed Dargah - फोटो : अमर उजाला।
उनके साथ भाइयों ने भी शहादत पाई। जिसमें एक भाई की मजार प्रेमचंद पार्क रोड बेतियाहाता स्थित दरगाह हजरत बाबा तबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां के नाम से मशहूर है। जहां दो दिन उर्स-ए-पाक मनाया जाता है।
jayanti Special Story of King Munshi Premchand Birthday Story In Gorakhpur
Mubarak Khan Shaheed Dargah - फोटो : अमर उजाला।
अहमदनगर चक्शा हुसैन गोरखनाथ में हजरत बाबा जलालुद्दीन शाह का उर्स ग्यारहवीं शरीफ के दिन व हजरत बाबा मेराज शाह का उर्स ग्यारहवीं शरीफ के दो दिन पहले मनाया जाता है। यह दोनों बुजुर्ग हजरत मुबारक खां शहीद के साथी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
jayanti Special Story of King Munshi Premchand Birthday Story In Gorakhpur
Mubarak Khan Shaheed Dargah - फोटो : अमर उजाला।
उर्स पर लगता है मेला
ईद के चांद यानी शव्वाल माह में मेला लगता है। जिसमें हर मजहब के मानने वालों की शिरकत होती है। हजरत मुबारक खां शहीद पूर्वांचल के बड़ें औलिया-ए-किराम में शुमार होते है।
विज्ञापन
jayanti Special Story of King Munshi Premchand Birthday Story In Gorakhpur
Mubarak Khan Shaheed Dargah - फोटो : अमर उजाला।
आज भी इस दरगाह को आला मकाम हासिल है। दरगाह से सटे एक मस्जिद, ईदगाह, मदरसा व कई वलियों की मजारें हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed