मस्जिद बनाने वाले ट्रस्ट में उपेक्षा से अयोध्या के मुसलमान दुखी, इकबाल अंसारी बोले- हमें इससे कोई मतलब नहीं
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फैज आफताब
मेरठ के व्यवसायी सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य हैं। बोर्ड के चेयरमैन के हर फैसले में उनका साथ दिया है
सैयद मोहम्मद शोएब
वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी हैं। ट्रस्ट में सरकारी नुमाइंदगी के तौर पर इन्हें शामिल किया गया है। ये मुख्य रूप से हरदोई जिले के निवासी हैं।
अदनान फारुख शाह
गोरखपुर से हैं और वक्फ बोर्ड के सदस्य हैं। चेयरमैन ज़ुफर फारूकी के वफादारों में से हैं। इन्होंने उनके हर फैसले का समर्थन किया है।
जुनैद सिद्दीकी
लखनऊ से वक्फ बोर्ड के सदस्य हैं। ये भी बोर्ड के चैयरमैन के करीबियों में से हैं। हर फैसले पर अपना समर्थन दिया है।
लखनऊ से समाज सेवी हैं। अयोध्या में विवादित जमीन हिंदू पक्षकारों को देने के पक्ष में रहे। अयोध्या विवाद को आपसी सहमति से हल करने के लिए बुद्धिजीवियों की मध्यस्थता कमेटी के सदस्य रहने के साथ ही मौलाना सलमान नदवी से श्री श्री रविशंकर की मुलाकात करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।
शेख सैदुज्जमां
बांदा के रहने वाले हैं। सुन्नी वक्फ की सबसे बड़ी संपत्ति के मुतवल्ली हैं। बोर्ड के चेयरमैन के काफी खास मुतवल्लियों में हैं।