बेवजह दवाएं लिखने पर नपेंगे डाक्टर
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डीडीयू अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को डाक्टर बेवजह टेस्ट और दवाएं नहीं लिख पाएंगे। ओपीडी में डाक्टर के साथ डाटा आपरेटर की नियुक्ति की जा रही है। डाक्टर पर्ची पर दवा और टेस्ट लिखेंगे तो इसकी एंट्री वहां पर बैठा डाटा आपरेटर कंप्यूटर पर करेगा।
अस्पताल मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम के तहत यह किया जा रहा है। एनआरएचएम की ओर से चार आपरेटरों की नियुक्ति की है। इससे सारा रिकार्ड सुरक्षित रहेगा और कभी शिकायत मिलने पर आसानी से जांच भी की जा सकती है। मौजूदा समय में अस्पताल प्रबंधन बाल रोग, आंख, नाक, कान और डेंटल विभाग की ओपीडी में कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं।
इससे पहले स्वास्थ्य महकमे की ओर से मरीज की पर्ची का आडिट करने की भी योजना थी लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई। डाक्टरों को निर्देश जारी किए थे कि वह कंप्यूटर पर पर्ची में लिखी दवाओं की एंट्री करेंगे। लेकिन व्यावहारिक तौर पर यह मुमकिन नहीं हो पाया। अब डाक्टर मरीज को देखें कि पर्ची पर दवा लिखने के बाद उसकी एंट्री करें। इस पर डाक्टरों की ओर से ही आग्रह किया था कि ओपीडी में डॉटा आपरेटर बिठा दें उसे इस काम की जिम्मेदारी दे दी जाए।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
पर्ची पर लिखी दवा कीमती तो नहीं
कीमती एंटी बॉयटिक लिखने के कारण
दो-दो एंटी बायटिक या दो-दो पेन किलर
जरूरत न होने पर विटामिन क्यों लिख दिया
टेस्ट की जरूरत ही नहीं थी तो क्यों लिखे
इंजेक्शन को लिखने की वजह
टेस्ट अस्पताल में मौजूद हैं तो उन्हें बाहर से क्यों लिखे
पहले ओपीडी में शुरू होगी योजना
डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. पीएल गौंटा ने कहा कि अभी चार ओपीडी में इस योजना को शुरू किया जा रहा है। एनआरएचएम की ओर से चार कंप्यूटर आपरेटर मिल चुके हैं।