सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   High Court rejects petition against appointment.

हिमाचल के हजारों शिक्षकों के लिए अच्छी खबर

Updated Wed, 10 Dec 2014 10:23 AM IST
विज्ञापन
High Court rejects petition against appointment.
विज्ञापन

राज्य सरकार की ओर से शिक्षा विभाग में पॉलिसी के तहत नियुक्त किए गए हजारों अस्थायी शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए बनाई नीति पर मुहर लगाते हुए हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है।



अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि ऐसे शिक्षकों को नौकरी से हटाया नहीं जाएगा बल्कि राज्य सरकार की इनके लिए बनाई गई नियमितीकरण की नीति के तहत नियमित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों की सेवाएं चरणबद्ध तरीके में समाप्त करने वाले एकलपीठ के निर्णय को चुनौती देने वाली अपील को स्वीकारते हुए राज्य सरकार की बनाई गई नियमितीकरण की नीति को वैद्य ठहराया है।
विज्ञापन
Trending Videos


खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऐसे अध्यापकों की सेवाएं वर्ष 2003 से ले रही है तथा उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय निकाल कर सरकार की सेवा उस समय की जब सरकार भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत शिक्षकों की भर्ती करने में असमर्थ थी।

भरे जाएंगे रिक्त पद

High Court rejects petition against appointment.

राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट को दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान में 806 पद जेबीटी, 1591 पद टीजीटी, 4831 पद सीएंडवी, 1980 पद स्कूल लेक्चरर, 222 पद शारीरिक शिक्षा अध्यापक और 670 पद कॉलेज लेक्चरर के रिक्त पड़े हैं।

जेबीटी के स्वीकृत कुल 21,778 पदों में से 20,972 पद भरे गए हैं और 3552 पद पैट अध्यापकों से भरे गए हैं। जेबीटी से लेकर स्कूल लेक्चरर तक सभी पदों में पैट, पैरा, पीटीए और ग्रामीण विद्या उपासक सेवाएं दे रहे हैं।

एकलपीठ ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों की सेवाएं चरणबद्ध तरीके में समाप्त करने के आदेश पारित किये थे और प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे कि जेबीटी के रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए छह माह में प्रक्रिया शुरू की जाए।

प्राथमिक सहायक अध्यापक स्कीम 2003 के तहत नियुक्त किए गए लगभग तीन हजार अध्यापक सीधे तौर पर इस निर्णय से प्रभावित हुए थे। यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहन की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए रखा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed