प्रदेश को नाज है इस होनहार बेटी पर
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हिमाचल की बेटी ने पायलट बनकर सूबे का मान बढ़ाया है। कांगड़ा जिले के धोरण गांव की चंदा ने अपने माता-पिता के उस सपने को पूरा कर दिखाया है, जो कभी उन्होंने संजोया था।
भारतीय वायु सेना में पायलट (फ्लाइंग अफसर) की उपलब्धि हासिल कर चंदा ने क्षेत्र और प्रदेश का नाम ऊंचा किया है।
21 जून को एयर फोर्स अकादमी हैदराबाद में हुई पासिंग आउट समारोह में चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल अरूप राह ने जब चंदा के कंधों पर रैंक और विंग्स लगाए तो मौके पर उपस्थित चंदा के माता-पिता एवं अन्य सगे संबंधियों का सीना गर्व से फूल गया।
सुपर हरक्यूलिस सी बन-130जे उड़ाने का सपना
2012 में देहरादून में एसएसबी की परीक्षा पास करने के बाद चंदा ने हैदराबाद और बेंगलूरु में बतौर पायलट दो वर्ष की ट्रेनिंग प्राप्त की। इस दौरान मालवाहक हवाई जहाज डोर्नियर और एएन-32 में चंदा ने 152 घंटे की उड़ान भरकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
चंदा ने माउंट कारमल स्कूल ठाकुरद्वारा में शिक्षा लेने के बाद गुरुनानक देव युनिवर्सिटी अमृतसर में इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक की डिग्री हासिल की। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त उसके दादा भगत सिंह और एयरफोर्स से ताया अमरजीत सिंह चंदा के प्रेरणा स्रोत रहे।
चंदा ने बताया कि बतौर पायलट उनका सपना सुपर हरक्यूलिस सी बन-130जे मालवाहक जहाज उड़ाने का है। चंदा के माता-पिता को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर नाज है।