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Shimla News: कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर विवि में कई शाखाएं खाली
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परीक्षा शाखा में महज 5 कर्मचारी तैनात
रजिस्ट्रार कार्यालय में 4 कर्मचारी संभाल रहे कामकाज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पंचायत चुनाव ड्यूटी के चलते कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है। करीब 250 कर्मचारियों और अधिकारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। इससे विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित होने लगा है।
सबसे ज्यादा असर परीक्षा शाखा और रजिस्ट्रार कार्यालय पर पड़ा है, जहां सीमित स्टाफ के सहारे काम चलाया जा रहा है। विवि सूत्रों के अनुसार परीक्षा शाखा में इस समय केवल 5 कर्मचारी ही काम संभाल रहे हैं, जबकि रजिस्ट्रार कार्यालय में सिर्फ 4 कर्मचारी बचे हैं। आम दिनों में दोनों कार्यालयों में दस से बारह कर्मचारी तैनात रहते थे। ऐसे में छात्रों से जुड़े जरूरी कार्यों और प्रशासनिक फाइलों के निपटारे में देरी होने लगी है।
स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि इस समय विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति यानी एनईपी के तहत पाठ्यक्रम विस्तार, नए कोर्स ढांचे और अकादमिक बदलावों पर काम चल रहा है। अलग-अलग विभागों से नए पाठ्यक्रम, विषय संरचना और परीक्षा प्रणाली से जुड़े प्रस्ताव लगातार आ रहे हैं। इन कार्यों के लिए पहले ही कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव था वहीं अब चुनाव ड्यूटी ने बोझ और बढ़ा दिया है।
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विवि प्रशासन की ओर से पहले ही पंचायत चुनाव को लेकर आचार संहिता पालन के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रजिस्ट्रार ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि कर्मचारियों को चुनाव आयोग की गाइडलाइन का पालन करने को कहा है। इसके साथ ही 26, 28 और 30 मई को पंचायत चुनाव के लिए अवकाश घोषित किया है। कर्मचारियों का कहना है कि चुनाव ड्यूटी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है, लेकिन विश्वविद्यालयों में पहले से स्टाफ की कमी होने के कारण नियमित काम प्रभावित हो रहा है। खासकर परीक्षा परिणाम, डिग्री, माइग्रेशन और छात्रों से संबंधित कार्यों में देरी की आशंका बढ़ गई है। पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक विश्वविद्यालय के कई विभाग सीमित कर्मचारियों के सहारे ही काम करते रहेंगे।
रजिस्ट्रार कार्यालय में 4 कर्मचारी संभाल रहे कामकाज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पंचायत चुनाव ड्यूटी के चलते कई विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है। करीब 250 कर्मचारियों और अधिकारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। इससे विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित होने लगा है।
सबसे ज्यादा असर परीक्षा शाखा और रजिस्ट्रार कार्यालय पर पड़ा है, जहां सीमित स्टाफ के सहारे काम चलाया जा रहा है। विवि सूत्रों के अनुसार परीक्षा शाखा में इस समय केवल 5 कर्मचारी ही काम संभाल रहे हैं, जबकि रजिस्ट्रार कार्यालय में सिर्फ 4 कर्मचारी बचे हैं। आम दिनों में दोनों कार्यालयों में दस से बारह कर्मचारी तैनात रहते थे। ऐसे में छात्रों से जुड़े जरूरी कार्यों और प्रशासनिक फाइलों के निपटारे में देरी होने लगी है।
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स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि इस समय विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति यानी एनईपी के तहत पाठ्यक्रम विस्तार, नए कोर्स ढांचे और अकादमिक बदलावों पर काम चल रहा है। अलग-अलग विभागों से नए पाठ्यक्रम, विषय संरचना और परीक्षा प्रणाली से जुड़े प्रस्ताव लगातार आ रहे हैं। इन कार्यों के लिए पहले ही कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव था वहीं अब चुनाव ड्यूटी ने बोझ और बढ़ा दिया है।
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