जांच में खुलासा, अस्पतालों में दी जा रही घटिया दवाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में सब स्टैंडर्ड दवाओं की सप्लाई की जा रही है। इसकी पुष्टि कोलकाता की लैब रिपोर्ट से हुई है। रिपोर्ट में आठ सैंपल फेल पाए गए हैं। बड़ी बात यह है कि सब स्टैंडर्ड दवाओं में ग्लूकोस और बुखार के दौरान दी जाने वाली दवा भी शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग ने इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है। अधिकारी इस बात का खुलासा करने से कतरा रहे हैं कि रिपोर्ट में कौन-कौन सी दवाओं के सैंपल सब स्टैंडर्ड पाए गए हैं। यह भी नहीं बताया जा रहा कि कौन-कौन से सरकारी अस्पतालों से ये सैंपल भरे गए हैं।
बहरहाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. देशराज शर्मा ने इतना माना कि रिपोर्ट में बेहोशी की दवा सब स्टैंडर्ड पाई गई है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की कुछ दवाइयां जांच में सही नहीं पाई गई हैं। इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई है।
जांच को भेजे 18 दवाइयों के सैंपल
उल्लेखनीय है कि करीब तीन महीने पहले जांच के लिए कोलकाता 18 दवाइयों के सैंपल भेजे गए थे। इनमें आठ सैंपल मानकों पर खरे नहीं पाए गए। इनमें से कुछ दवाइयां सरकारी अस्पतालों को सप्लाई हो रही हैं। लैब रिपोर्ट में सरकारी सप्लाई की दवाइयों के सैंपल सब स्टैंडर्ड होने पर इसकी सूचना ड्रग इंस्पेक्टर ने आगामी कार्रवाई के लिए सीएमओ मंडी को भी दी है। सीएमओ ने रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है।
जनवरी से नवंबर तक के ड्रग अलर्ट में हिमाचल में बनी करीब 67 दवाओं के सैंपल अधोमानक निकले हैं। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट में जनवरी में 13, मार्च में 9, अप्रैल में 03, मई में 04, जून में 13, जुलाई में 05, अगस्त में 08, सितंबर में 09 और अक्तूबर में 3 दवाएं अधोमानक निकली हैं।