Shimla: तीन नशा तस्करों की 1.13 करोड़ की संपत्ति जब्त, शिमला पुलिस ने की कार्रवाई
शिमला पुलिस ने तीन नशा तस्करों की 1.13 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इन तस्करों ने चिट्टे और अफीम को बेचकर अर्जित की कमाई से कई लग्जरी वाहन खरीदे।
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शिमला जिले की पुलिस ने तीन नशा तस्करों की 1.13 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इन तस्करों ने चिट्टे और अफीम को बेचकर अर्जित की कमाई से कई लग्जरी वाहन खरीदे। साथ ही दो मंजिला मकान तक बना लिए। नशा तस्करों में नेपाली मूल की महिला भी शामिल है। कुमारसैन थाना पुलिस ने 10 अप्रैल को 9.028 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। मामले में नेपाल निवासी एन बहादुर, चक्र बहादुर और मोहन शाही को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज में कार्रवाई करते हुए 12 अप्रैल को कंडाघाट स्थित लक्ष्मी टी स्टॉल से 2.039 किलोग्राम अफीम बरामद की। उसके अगले दिन महिला आरोपी लक्ष्मी को गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपी फिलहाल सब जेल कैथू में बंद हैं।
वित्तीय जांच में सामने आया कि आरोपी एन बहादुर उर्फ राजू और लक्ष्मी लंबे समय से कंडाघाट, नारकंडा और आसपास के क्षेत्रों में अफीम की सप्लाई कर रहे थे। एन बहादुर ने नशा तस्करी से अर्जित धन से इनोवा और टोयटा अर्बन क्रूजर गाड़ी खरीदी। उसके पास से 12 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए। महिला आरोपी लक्ष्मी ने अवैध कमाई से रॉयल एनफील्ड बाइक खरीदी। उसके बैंक खातों में पांच लाख रुपये जमा पाए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों की कुल करीब 53 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। इसके अलावा आरोपी लक्ष्मी के खिलाफ थाना कंडाघाट में वर्ष 2016 में भांग तस्करी का एक मामला भी दर्ज पाया गया है, जो फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
कोटखाई में करीब 60 लाख की अवैध संपत्ति जब्त
वहीं, कोटखाई थाना में दर्ज पुराने एनडीपीएस मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपी आर्यन निवासी कोटखाई की करीब 60 लाख रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई है। आरोपी को इस साल पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत सब जेल कैथू भेजा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आर्यन लगातार चिट्टा-हेरोइन तस्करी में संलिप्त था। वर्ष 2025 में उसके खिलाफ 4.82 ग्राम चिट्टा बरामदगी और वर्ष 2023 में 1.15 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले दर्ज हुए। वित्तीय जांच में पाया गया कि आरोपी के बैंक खातों में वर्ष 2024 में 23 लाख और वर्ष 2025 में 25 लाख रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि उसके पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं था।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने नशा तस्करी से कमाई गई राशि से स्कॉर्पियो वाहन खरीदा और दो मंजिला मकान बनवाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने बताया कि नशा तस्करों और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। शिमला पुलिस ने इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मामलों में 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज पर कार्रवाई करते हुए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल बॉर्डर और केरल सहित विभिन्न राज्यों से 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस साल नशा तस्करों की इस संपत्तियां भी जब्त की हैं। 2024 और 2025 में इस प्रकार की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई नहीं की गई थी।